दिल्ली मेट्रो को मिला 'अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस' आधुनिक तकनीक को अपनाने मे सबसे आगे
भुवनेश्वर में आयोजित अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस में DMRC को इनोवेशन और स्मार्ट मोबिलिटी के लिए मिला सम्मान।

राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की है। भुवनेश्वर में आयोजित 19वें 'अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो' में दिल्ली मेट्रो को 'अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस' से नवाजा गया है। यह सम्मान DMRC को 'इनोवेशन और स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस' की श्रेणी में उसकी बेहतरीन उपलब्धियों के लिए दिया गया है।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को DMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विकास कुमार ने केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल के हाथों प्राप्त किया। इस खास मौके पर ओडिशा के आवास और शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्रा भी मौजूद रहे। रविवार को जारी एक प्रेस रिलीज के जरिए इस उपलब्धि की जानकारी साझा की गई है।
इन स्मार्ट तकनीकों ने दिलाई सफलता
23 और 24 अक्टूबर को आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर के शहरी मोबिलिटी एक्सपर्ट्स जुटे थे, जहां टिकाऊ विकास और सेक्टर की प्रगति पर गहन चर्चा हुई। दिल्ली मेट्रो को यह अवॉर्ड इसलिए मिला क्योंकि उसने पिछले कुछ समय में आधुनिक तकनीक को अपनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
DMRC द्वारा लागू किए गए कुछ प्रमुख स्मार्ट समाधान इस प्रकार हैं:
- डिजिटल टिकटिंग: यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए डिजिटल टिकटिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया गया।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): मेट्रो के रखरखाव के लिए AI का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे संभावित तकनीकी खराबी का पहले ही पता चल जाता है और हादसों को रोका जा सकता है।
- कस्टमर रिस्पांस मैनेजमेंट: यात्रियों की शिकायतों और जरूरतों के निपटारे के लिए रिस्पांस सिस्टम को पहले से अधिक बेहतर और तेज बनाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मोबिलिटी के क्षेत्र में DMRC के ये कदम न केवल दिल्ली के लिए, बल्कि पूरे देश के शहरी परिवहन तंत्र के लिए एक मिसाल हैं।