PM-UDAY: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के लिए आवेदन की समय सीमा बढ़ी, अब 2027 तक मौका
दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के लिए PM-UDAY योजना की आवेदन समय सीमा अब 31 जनवरी 2027 तक कर दी गई है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने PM-UDAY आवेदन की समय सीमा को बढ़ाकर अब 31 जनवरी 2027 कर दिया है। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 थी, लेकिन अब लोगों को अपने घरों के मालिकाना हक के लिए आवेदन करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय मिल गया है।
सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि हाल के महीनों में नए आवेदनों की संख्या में काफी गिरावट देखी गई थी। आंकड़ों की बात करें तो 31 मार्च 2026 तक करीब 40,000 कन्वेयंस डीड और ऑथराइजेशन स्लिप जारी की जा चुकी थीं, लेकिन अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच केवल 2,000 नए आवेदन ही आए। इसी वजह से विभाग ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
मालिकाना हक पाने की प्रक्रिया हुई आसान
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा 29 अक्टूबर 2019 को शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की 1,731 चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों में से 1,511 कॉलोनियों को कानूनी मान्यता देना है। इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 7 अप्रैल 2026 को नियमों में बदलाव किया गया था। अब "जैसा है, जहां है" (as-is, where-is) के आधार पर नियमितीकरण किया जा रहा है, जिससे अब अप्रूव्ड लेआउट प्लान की अनिवार्यता खत्म हो गई है।
अब प्रॉपर्टी मालिक पैनल में शामिल आर्किटेक्ट्स से बिल्डिंग प्लान बनवाकर उसे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जमा कर सकते हैं। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) से हटकर दिल्ली के राजस्व विभाग के पास आ गई है।
राजस्व विभाग के नियंत्रण में आने के बाद 24 अप्रैल 2026 को आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किए गए थे। अब सभी नए आवेदकों के लिए PM-UDAY कार्ड बनवाना अनिवार्य है और पूरी प्रक्रिया 'दिल्ली स्वगम पोर्टल' के माध्यम से पूरी की जा रही है। अब तक लगभग 20,000 पंजीकरण हो चुके हैं, जबकि सरकार का लक्ष्य करीब 10 लाख घरों को मालिकाना हक दिलाना है।
जो लोग आवेदन करने में असमर्थ हैं या जिन्हें तकनीकी मदद चाहिए, वे अपने जिले में स्थापित PM-UDAY हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं।