जामिया मिलिया इस्लामिया में फिर शुरू होंगी ऑफलाइन क्लासेस, छात्र संघ चुनाव का भी रास्ता साफ
जामिया मिलिया इस्लामिया में ऑफलाइन क्लासेस फिर शुरू होंगी और 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ हुआ है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

दिल्ली की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) के छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि सभी अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए ऑफलाइन क्लासेस और परीक्षाएं फिर से शुरू की जा रही हैं। सोमवार, 2 नवंबर 2026 से छात्र एक बार फिर क्लासरूम में लौटेंगे। इससे पहले यूनिवर्सिटी ने ऑनलाइन लर्निंग की व्यवस्था को आगे बढ़ाया था, लेकिन अब इस फैसले को पलट दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब से मिड-सेमेस्टर और एंड-सेमेस्टर की सभी परीक्षाएं फिजिकल मोड में ही होंगी। साथ ही, छात्रों के लिए नियमित रूप से क्लास अटेंड करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह बदलाव कैंपस में शैक्षणिक माहौल को फिर से जीवंत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
20 साल का इंतजार खत्म: लौट रहा है छात्र संघ
पढ़ाई के साथ-साथ कैंपस की राजनीति में भी एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद जामिया में छात्र संघ चुनाव की राह खुल गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन के संविधान को लागू करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि साल 2005 के बाद से यहाँ छात्र संघ चुनाव नहीं हुए थे और 2006 से यह यूनियन निष्क्रिय थी।
यूनिवर्सिटी द्वारा जारी रोडमैप के अनुसार, छात्र संघ के संविधान को लागू करने की प्रक्रिया 15 मई 2027 तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह हफ्तों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। अनुमान है कि नया सत्र 16 जुलाई 2027 से शुरू होगा और चुनाव 27 अगस्त 2027 के आसपास संपन्न हो सकते हैं।
यह सभी बड़े फैसले छात्रों के 18 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद लिए गए हैं। विवाद को सुलझाने के लिए यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने खुद प्रदर्शन स्थल पर जाकर छात्रों से बात की थी। समझौते के तहत, यूनिवर्सिटी ने प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ की गई सभी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस ले लिया है। इसमें शो-कॉज नोटिस, सस्पेंशन, रस्टिकेशन और कैंपस बैन जैसे आदेश शामिल हैं, जिन्हें अब पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।