JNU कैंपस में खूनी संघर्ष: छात्रा से दोस्ती पर सहपाठी पर हमला, आरोपी छात्र गिरफ्तार
जेएनयू के बराक हॉस्टल में विवाद के बाद एक छात्र ने दूसरे पर जानलेवा हमला किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और यूनिवर्सिटी ने 4 छात्रों को निकाला।

देश की प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के कैंपस से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक छात्र ने अपने ही सहपाठी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक छात्र की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उसकी एक आंख की रोशनी चली गई है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरी घटना गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे की है। कैंपस के बराक हॉस्टल के कमरा नंबर 119 में यह खूनी संघर्ष हुआ। जानकारी के मुताबिक, आरोपी अजय (एमए छात्र) को इस बात पर आपत्ति थी कि उसका सहपाठी सौरभ, जो भाषा विषय का द्वितीय वर्ष का छात्र है, एक छात्रा के साथ दोस्ती रखता है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि अजय ने सौरभ पर हमला कर दिया।
इस हमले में मीट क्लीवर (मांस काटने वाला चाकू) का इस्तेमाल किया गया, जिससे सौरभ के सिर, चेहरे, हाथों और आंखों पर गंभीर चोटें आईं। घायल सौरभ को तुरंत एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि इस हमले के कारण उसकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई है। इस हिंसक टकराव में उस छात्रा समेत कुल चार छात्र घायल हुए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और यूनिवर्सिटी का सख्त फैसला
घटना की गंभीरता को देखते हुए वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन ने आरोपी अजय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एफआईआर दर्ज की है, जिसमें हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। जेएनयू प्रॉक्टर ऑफिस ने जेएनयू एक्ट, 1966 की धाराओं का उल्लंघन करते हुए इस झगड़े में शामिल सभी चारों छात्रों को यूनिवर्सिटी से निष्कासित (Rusticate) करने का आदेश जारी कर दिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कैंपस के भीतर किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संस्थान की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी।