इटावा: कस्बा जसवंतनगर की चर्चित शिव गौर क्लीनिक एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्राम सिसहाट निवासी अरविंद यादव पुत्र सुदामा सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने क्लीनिक के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

परिजनों के अनुसार, अरविंद यादव की तबीयत खराब होने पर उन्हें जसवंतनगर स्थित शिव गौर क्लीनिक ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान ही मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। जब परिजनों ने डॉक्टर से लगाए गए इंजेक्शन और दवाओं के बारे में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि इंजेक्शन और अन्य सामग्री कचरे में फेंक दी गई है और संभवतः पानी में बह गई होगी।

परिजन मरीज को लेकर सैफई पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने करीब एक घंटे पहले ही मौत होने की बात बताई। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक पर डॉक्टर के पिता ने भी उनसे मरीज को वहां से ले जाने की बात कही और कहा कि उन्हें जो करना है, कर लें।

मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका यह भी आरोप है कि शिव गौर क्लीनिक को लेकर पूर्व में भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। परिजनों का दावा है कि इस वर्ष क्लीनिक के खिलाफ यह छठा-सातवां मामला है।

लगातार लगाए जा रहे आरोपों के बाद अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है। सवाल उठ रहा है कि यदि क्लीनिक के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं तो विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई। फिलहाल पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।