नयी दिल्ली, 08 अगस्त (कड़वा सत्य) ग् ीण भारत में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति पर एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि बुजुर्ग सदस्यों वाले 73 प्रतिशत ग् ीण परिवारों को लगातार स्वास्थ्य सेवाओं की ज़रूरत होती है लेकिन गावों में शुल्क लेकर घर पर स्वास्य सेवाये प्राप्त करने का विकल्प कुछ खास लोकप्रिय नहीं है।
रिपोर्ट में गावों की सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी वास्तविकताओं पर आधारित ‘नेबरहुडज़ ऑफ़ केयर’(पड़ोस में सुश्रुषा सुविधा) का मॉडल लागू करने की सिफारिश की गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस माडल को मौजूदा तंत्र से सहयोग मिल सकता है पर इसके लिये अधिक प्रभावी और नियमित बातचीत की आवश्यकता है।
गावों में पड़ोस का स्वास्थ्य-सुश्रुषा सेवा माॅडल अपनाने की सिफारिश

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