गुजरात के एकता नगर में दिखेगी बिहार की झिझिया नृत्य की छटा, पीएम मोदी के सामने प्रस्तुति देंगे भागलपुर के कलाकार
भागलपुर की हिंद युवा शक्ति संस्था के कलाकार गुजरात के एकता नगर में पीएम मोदी के सामने बिहार की पारंपरिक झिझिया नृत्य की प्रस्तुति देंगे।

बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। राष्ट्रीय एकता दिवस के खास मौके पर गुजरात के एकता नगर में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है, जहां बिहार के मशहूर पारंपरिक लोकनृत्य 'झिझिया' की गूंज सुनाई देगी। इस प्रतिष्ठित आयोजन में भागलपुर की 'हिंद युवा शक्ति संस्था' को बिहार का प्रतिनिधित्व करने का गौरव मिला है।
इस विशाल आयोजन की सबसे खास बात यह है कि यहाँ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में पूरे भारत से लगभग 5,000 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं, जो देश की विभिन्न लोक और शास्त्रीय नृत्य शैलियों का प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में भागलपुर के कलाकारों के लिए यह अपनी कला को देश के सर्वोच्च नेतृत्व के सामने पेश करने का एक सुनहरा मौका है।
16 कलाकारों की टीम ने की कड़ी तैयारी
बिहार की सांस्कृतिक विरासत को गौरवपूर्ण तरीके से पेश करने के लिए हिंद युवा शक्ति संस्था के 16 सदस्यीय दल ने कमर कस ली है। कलाकार पिछले 10 दिनों से दिन-रात एक कर कठिन अभ्यास कर रहे हैं। इस पूरी टीम का नेतृत्व प्रवीण प्रकाश कर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में कलाकार पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ अपनी प्रस्तुति को अंतिम रूप दे रहे हैं।
इस दल में राधिका कुमारी, संजना कुमारी, अंजली कुमारी, प्रिया साह, श्रुति कुमारी, दुर्गेश कुमारी, माधवी कुमारी, साक्षी कुमारी, कृति साह, सिमरन कुमारी, अनीशा कुमारी, श्रुति कुमारी (द्वितीय), आस्था प्रिया सिन्हा, पूर्णिमा कुमारी और हितिशा कुमारी शामिल हैं।
संस्था के प्रभारी प्रवीण प्रकाश ने इसे पूरे बिहार के लिए सम्मान का क्षण बताया है। वहीं, कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री के सामने परफॉर्म करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उनका मानना है कि झिझिया नृत्य के जरिए वे न केवल बिहार की पहचान को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि 'विविधता में एकता' के संदेश को भी मजबूती देंगे।
हिंद युवा शक्ति संस्था का मुख्य उद्देश्य बिहार की लोककला और पारंपरिक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।