जदयू के 23 साल: नीतीश कुमार के नेतृत्व में बदला बिहार का चेहरा, उमेश कुशवाहा ने बताया गौरवशाली सफर
जदयू के 23वें स्थापना दिवस पर प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने नीतीश कुमार के नेतृत्व और बिहार में उनके सुशासन मॉडल की सराहना की।

बिहार प्रदेश जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपना 23वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया है। इस खास मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने एक बयान जारी कर राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और स्वास्थ्य मंत्री निशांत सहित सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने इस यात्रा को सामाजिक न्याय और सुशासन के प्रति समर्पित बताया।
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि 30 अक्टूबर 2003 को जब जदयू की नींव रखी गई थी, तब इसका मकसद महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर, जयप्रकाश नारायण, डॉ. लोहिया और कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आगे बढ़ाना था। पिछले 23 वर्षों में पार्टी ने सामाजिक समरसता और न्याय के उन्हीं आदर्शों को मजबूती से लागू किया है।
नीतीश कुमार के 'सुशासन मॉडल' से मिला बिहारियों को सम्मान
प्रदेश अध्यक्ष ने नीतीश कुमार के कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए कहा कि नवंबर 2005 में जब उन्होंने बिहार की कमान संभाली, तो राज्य में एक नए युग की शुरुआत हुई। उन्होंने 'न्याय के साथ विकास' और महिला सशक्तीकरण का एक ऐसा मॉडल पेश किया, जिसने बिहार की पूरी तस्वीर बदल दी।
कुशवाहा ने भावुक होते हुए कहा कि 2005 से पहले 'बिहारी' शब्द को अक्सर उपेक्षा और तिरस्कार की नजर से देखा जाता था, लेकिन नीतीश कुमार के अथक प्रयासों ने बिहार और यहाँ के लोगों को दुनिया भर में सम्मान और स्वाभिमान की नई पहचान दिलाई है।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे इस गौरवशाली यात्रा को और आगे ले जाएं। उन्होंने संकल्प लिया कि पार्टी के भविष्य और लोकप्रिय स्वास्थ्य मंत्री निशांत के हाथों को मजबूत किया जाएगा और नीतीश कुमार के समाजवादी सिद्धांतों व बिहार के नवनिर्माण के कार्यों को घर-घर तक पहुँचाया जाएगा ताकि जदयू सफलता की नई ऊँचाइयों को छू सके।