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दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा बढ़ाएगी दिल्ली पुलिस, तैनात होंगे NCC कैडेट्स

दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए MHA ने NCC कैडेट्स को 'पार्क प्रहरी' बनाने की सलाह दी है। जानें क्या है पूरा प्लान।

Sonu Nigam· 30 Oct, 12:07 PM · 2 मिनट
दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा बढ़ाएगी दिल्ली पुलिस, तैनात होंगे NCC कैडेट्स

राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक पार्कों को सुरक्षित बनाने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को सलाह दी है कि शहर के पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए NCC कैडेट्स की मदद ली जाए। यह फैसला 29 अक्टूबर 2026 को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया है। दरअसल, 21 सितंबर 2026 को आस्था कुंज पार्क में हुई एक गैंगरेप की दर्दनाक घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।

इस नई योजना के तहत दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को एक ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल एप्लीकेशन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए इच्छुक NCC कैडेट्स का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उन्हें 'पार्क प्रहरी' के रूप में तैनात किया जाएगा। खास बात यह है कि इन कैडेट्स को उनकी गश्त और सेवाओं के लिए मानदेय (compensation) भी दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस फिलहाल इस बात का खाका तैयार कर रही है कि इन कैडेट्स के वेतन का इंतजाम कैसे होगा और उन्हें मौजूदा सुरक्षा ढांचे में कैसे शामिल किया जाएगा।

पार्कों का होगा सिक्योरिटी ऑडिट, दिसंबर तक पूरा होगा काम

गृह मंत्रालय ने केवल कैडेट्स की तैनाती ही नहीं, बल्कि दिल्ली के सभी सार्वजनिक पार्कों के व्यापक सुरक्षा ऑडिट के निर्देश भी दिए हैं। नए नियमों के मुताबिक, एक एकड़ से बड़े सभी पार्कों के प्रवेश और निकास द्वारों पर 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे और साथ ही वहां गश्त करने वाले कर्मी भी होंगे।

सुरक्षा बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और नगर निगम (MCD) जैसी एजेंसियों को सख्त समय सीमा दी गई है। दिसंबर 2026 तक सभी पार्कों में खराब पड़े CCTV कैमरों, लाइटिंग और बाउंड्री वॉल की मरम्मत का काम पूरा करना होगा। MCD ने पहले ही 200 बड़े पार्कों की पहचान कर ली है जहाँ सुरक्षा अपग्रेड की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, आस्था कुंज पार्क में पहले ही 105 लाइटें और चार CCTV कैमरे लगाए जा चुके हैं।

तकनीकी निगरानी को बेहतर बनाने के लिए MHA ने C-DAC और BISAG-N जैसी संस्थाओं की मदद लेने का सुझाव दिया है। गौरतलब है कि इस दिशा में कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं; अक्टूबर 2026 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) ने 500 NCC कैडेट्स को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया था।

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