बिहार

बिहार में मोनू कुमार के महादान से 3 मरीजों को मिला नया जीवन, सरकार ने उठाया खर्च

पटना के 16 वर्षीय मोनू कुमार के परिजनों ने ब्रेन डेड होने के बाद लिवर और किडनी दान की, जिससे तीन लोगों की जान बची।

Sonu Nigam· 5 Nov, 8:32 PM · 2 मिनट
बिहार में मोनू कुमार के महादान से 3 मरीजों को मिला नया जीवन, सरकार ने उठाया खर्च

बिहार की राजधानी पटना से मानवता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने मौत के सन्नाटे के बीच तीन परिवारों में खुशियों की नई किरण जगा दी है। सड़क हादसे का शिकार हुए 16 साल के मोनू कुमार भले ही दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन उनके परिजनों ने जिस साहस और संवेदनशीलता का परिचय दिया, उसने कई जिंदगियां बचा लीं। मोनू के अंगों के दान से तीन जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

दरअसल, मोनू कुमार एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया था। अपने जवान बेटे को खोने के असहनीय दुख के बावजूद, मोनू के परिवार ने यह फैसला लिया कि उनके बेटे के अंग किसी और के काम आएं। परिवार की सहमति के बाद मोनू का लिवर और दोनों किडनियां दान की गईं।

सरकार की मदद से पहली बार हुआ सफल लिवर प्रत्यारोपण

इस पूरी प्रक्रिया में बिहार सरकार की भूमिका भी अहम रही। राज्य में पहली बार सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान कर लिवर प्रत्यारोपण को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल पर लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 15 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि पैसों की कमी के कारण किसी भी गरीब या जरूरतमंद मरीज का इलाज न रुके।

मोनू के इस महादान का असर तीन अलग-अलग मरीजों पर दिखा:

  • IGIMS पटना में एक 19 वर्षीय युवती का सफल लिवर प्रत्यारोपण हुआ।
  • एक अन्य मरीज की किडनी का प्रत्यारोपण IGIMS में ही किया गया।
  • तीसरे मरीज का किडनी प्रत्यारोपण पटना एम्स (AIIMS) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मोनू के परिजनों के इस निस्वार्थ निर्णय को नमन करते हुए कहा कि अंगदान वास्तव में महादान है। उन्होंने कहा कि मोनू का यह बलिदान समाज के लिए एक प्रेरणा है, जो यह सिखाता है कि जीवन के सबसे कठिन समय में भी मानवता की सेवा का संकल्प दूसरों के जीवन में खुशियां लौटा सकता है।

यह ख़बर दोस्तों तक पहुँचाएँ
शेयर करें

Comments

Leave a comment