बिहार

अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका, दुलारचंद यादव मर्डर केस में जमानत रद्द, 1 दिसंबर तक सरेंडर का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मोकामा विधायक अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी है। उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड में 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया गया है।

Sonu Nigam· 30 Oct, 11:51 AM · 2 मिनट
अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका, दुलारचंद यादव मर्डर केस में जमानत रद्द, 1 दिसंबर तक सरेंडर का आदेश

बिहार के चर्चित 'बाहुबली' नेता और मोकामा के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें मिली जमानत को रद्द कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीवी वरले की खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए अनंत सिंह को आदेश दिया है कि वे 1 दिसंबर या उससे पहले अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दें।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पटना हाईकोर्ट की उस टिप्पणी पर सवाल उठाए, जिसमें उन्हें जमानत दी गई थी। शीर्ष अदालत का मानना है कि हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता और अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास को नजरअंदाज कर उन्हें जमानत देने में गलती की है।

राजनीतिक पतन और कानूनी शिकंजा

यह कानूनी झटका अनंत सिंह के लिए तब आया है जब वे पहले से ही राजनीतिक संकट से जूझ रहे हैं। हाल ही में जेडीयू (JD-U) ने 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के चलते अनंत सिंह और उनकी पत्नी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। दरअसल, अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह के लिए चुनाव प्रचार किया था, जिसे पार्टी ने बगावत माना।

इतना ही नहीं, अनंत सिंह पर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगे। इस राजनीतिक टकराव का असर उनकी पत्नी नीलम देवी पर भी पड़ा, जिन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से हटा दिया गया और उनका राज्य मंत्री का दर्जा व सरकारी बंगला भी छीन लिया गया। बिहार सरकार ने उन्हें पटना के मॉल रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस भी जारी किया है।

जेडीयू ने अब विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से दल-बदल कानून के तहत अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।

क्या था दुलारचंद यादव हत्याकांड?

यह पूरा मामला मोकामा तल में चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। आरोप है कि 30 अक्टूबर 2025 को अनंत सिंह और उनके सहयोगियों ने दुलारचंद यादव को उनकी गाड़ी से खींचकर निकाला, उनके पैर में गोली मारी, मारपीट की और फिर एसयूवी से उन्हें कुचल दिया।

इस मामले में अनंत सिंह को 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर बेउर जेल भेजा गया था। जेल में रहने के बावजूद उन्होंने मोकामा सीट से जीत हासिल की और बाद में 19 मार्च 2026 को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली। इसी जमानत को मृतक के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद अब यह बड़ा फैसला आया है।

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