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पीयूष गोयल की युवाओं को सलाह: घरेलू बाजार से आगे बढ़ें, बनाएं वर्ल्ड क्लास इंडियन ब्रांड्स

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने युवा उद्यमियों को घरेलू बाजार से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ब्रांड बनाने और निर्यात बढ़ाने का आह्वान किया।

Sonu Nigam· 31 Oct, 1:08 PM · 2 मिनट
पीयूष गोयल की युवाओं को सलाह: घरेलू बाजार से आगे बढ़ें, बनाएं वर्ल्ड क्लास इंडियन ब्रांड्स

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देश के युवा उद्यमियों से एक बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब भारत के युवाओं को केवल घरेलू बाजार तक सीमित रहने के बजाय अपनी सोच को वैश्विक बनाना चाहिए। दिल्ली में आयोजित 'फेस्टिवल ऑफ आइडियाज' के दौरान गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत के आर्थिक बदलाव का अगला चरण उन युवा उद्यमियों द्वारा संचालित होगा, जिनकी महत्वाकांक्षा दुनिया के बेहतरीन ब्रांड्स खड़े करने की होगी।

प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य संजीव सान्याल के साथ एक चर्चा में हिस्सा लेते हुए मंत्री ने युवाओं को मैन्युफैक्चरिंग, डीप टेक्नोलॉजी और हाई-वैल्यू सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम, मजबूत विनिर्माण क्षमताएं और विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैर जमाने के शानदार अवसर पैदा कर रहे हैं।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए क्वालिटी और इनोवेशन जरूरी

पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि अगर भारतीय ब्रांड्स को वैश्विक स्तर पर जीत हासिल करनी है, तो उन्हें क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर कोई समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से अपने कौशल को विकसित करें और निर्यात-उन्मुख दृष्टिकोण (Export-oriented approach) अपनाएं। मंत्री ने कहा कि युवाओं को गणना की गई जोखिम (Calculated risks) लेने से नहीं डरना चाहिए ताकि वे ऐसे व्यवसाय बना सकें जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टिक सकें।

इसके अलावा, 'बिजनेस ओडिशा कॉन्क्लेव' में भी उन्होंने इसी विजन को साझा किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा जैसे राज्य भारत की व्यापारिक साझेदारियों और FTAs का लाभ उठाकर अपने मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर को और मजबूत कर सकते हैं। गोयल ने इस बात पर भी जोर दिया कि कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश बढ़ाना होगा, ताकि ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की स्थिति और मजबूत हो सके।

मंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि भारत की अगली विकास यात्रा के लिए अधिक महत्वाकांक्षा, गहरे नवाचार और एक मजबूत वैश्विक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

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