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AIIMS दिल्ली ट्रॉमा सेंटर में खुला नया वेटिंग लाउंज, अब 897 लोग कर सकेंगे आराम

AIIMS दिल्ली के ट्रॉमा सेंटर में 897 लोगों की क्षमता वाला नया वेटिंग लाउंज खुला है, जिससे मरीजों के परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।

Sonu Nigam· 30 Oct, 9:51 AM · 2 मिनट

दिल्ली के एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए एक बड़ी राहत आई है। अस्पताल के एक्सटेंशन कैंपस में एक अत्याधुनिक पेशेंट वेटिंग लाउंज का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिससे अब मरीजों के तीमारदारों को खुले में बैठने या भटकने की जरूरत नहीं होगी। इस नई सुविधा की क्षमता 897 लोगों की है, जो अस्पताल आने वाले लोगों को एक सम्मानजनक और सुरक्षित जगह प्रदान करेगी।

इस प्रोजेक्ट को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), गाजियाबाद ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत तैयार किया है। लगभग 2,970 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला यह लाउंज खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो इलाज के लिए दूर-दराज से आते हैं और जिन्हें रुकने की जगह नहीं मिल पाती। अब उन्हें धूप, बारिश और ठंड जैसे मौसम की मार से बचने के लिए एक सुरक्षित छत मिलेगी।

आश्रय शेल्टर के रूप में मिलेगी मदद

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 29 अक्टूबर, 2026 को इस सुविधा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई और स्वच्छता अभियान की समीक्षा भी की। इस वेटिंग लाउंज को 'आश्रय शेल्टर' के रूप में संचालित करने का प्रस्ताव है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग, जो संस्थान में इलाज के लिए आते हैं, उन्हें अस्थायी और सुरक्षित आवास मिल सके।

इस सुविधा की खासियतों पर नजर डालें तो इसमें निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:

  • प्राइमरी और सेकेंडरी वेटिंग जोन का निर्माण।
  • दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए रैंप की सुविधा।
  • साफ-सुथरे शौचालय और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं।

बता दें कि इस प्रोजेक्ट की नींव जनवरी 2024 में एक समझौते (MoU) के साथ रखी गई थी। इस पूरे निर्माण कार्य पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसका उद्देश्य अस्पताल परिसर में भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना और मरीजों के परिजनों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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