बिहार में चक्रवात अर्नब का कहर: 26 जिलों में भारी बारिश, धान की फसल पर मंडराया खतरा
चक्रवात अर्नब के कारण बिहार के 26 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है।

बिहार में चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) ने दस्तक दे दी है, जिससे राज्य के 26 जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। गुरुवार सुबह से ही पटना, भागलपुर और नवादा समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। इस अचानक आए मौसम बदलाव ने किसानों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि खेतों में खड़ी धान की फसल अब खतरे के निशान पर पहुंच गई है।
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, राज्य के 21 जिलों में फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। सबसे ज्यादा चिंता धान की फसल को लेकर है, क्योंकि यह इस समय बालियां निकलने और कटाई के करीब है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश की वजह से खेतों में फसलें गिर गई हैं, जिससे दानों के झड़ने का डर बढ़ गया है।
इन जिलों में अलर्ट और मौसम का हाल
भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम का असर पटना, नालंदा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई, बक्सर, औरंगाबाद, रोहतास, मधुबनी, भोजपुर, अरवल, बेगूसराय, कैमूर, नवादा और मुंगेर जैसे जिलों में साफ देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भी राज्य के सभी जिलों में हल्की से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि शनिवार शाम, 31 अक्टूबर से मौसम साफ होना शुरू होगा और 1 नवंबर तक चक्रवात का असर पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
कृषि विभाग ने किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि नुकसान को कम किया जा सके। किसानों को सलाह दी गई है कि:
- कटी हुई या सूख रही फसलों को तिरपाल से ढककर रखें।
- मौसम ठीक होने तक धान की कटाई का काम टाल दें।
- सब्जियों और अन्य फसलों में अनावश्यक सिंचाई न करें।
- खेतों में जलजमाव रोकने के लिए जल निकासी का उचित प्रबंध करें।
- मक्का, सरसों और आलू जैसी फसलों की बुवाई अभी स्थगित रखें।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ही अपनी खेती से जुड़ी गतिविधियां तय करें, ताकि इस प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।