दिल्ली के पार्कों में तैनात होंगे NCC कैडेट्स, MHA ने 'पार्क प्रहरी' बनाने के दिए निर्देश
दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए MHA ने NCC कैडेट्स को 'पार्क प्रहरी' के रूप में तैनात करने और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने का निर्देश दिया है।

राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक पार्कों को सुरक्षित बनाने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को निर्देश दिया है कि वे नेशनल कैडेट कोर (NCC) के कर्मियों को 'पार्क प्रहरी' के रूप में तैनात करने की संभावना तलाशें। इस योजना के तहत एक ऑनलाइन पोर्टल बनाने का प्रस्ताव है, जिसके जरिए इच्छुक NCC कैडेट्स का पंजीकरण किया जा सकेगा।
यह पूरी कवायद दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद शुरू हुई है। दरअसल, दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ हुए गैंगरेप की घटना के करीब एक महीने बाद गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने पर चर्चा की गई। अब पुलिस इस बात का आकलन कर रही है कि शाम के पीक ऑवर्स (भीड़भाड़ वाले समय) में इन कैडेट्स की तैनाती कैसे की जाए। खास बात यह है कि इन प्रहरियों के वेतन का खर्च दिल्ली पुलिस वहन करेगी।
सुरक्षा के लिए तय की गई सख्त डेडलाइन
सिर्फ मानव संसाधन ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए भी गृह मंत्रालय ने सख्त समय-सीमा तय की है। सुरक्षा ऑडिट के बाद मंत्रालय ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
- बाउंड्री वॉल और फेंसिंग: पार्कों की टूटी दीवारों और फेंसिंग के मरम्मत का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करना होगा।
- लाइटिंग और CCTV: सभी पार्कों में रोशनी की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे लगाना और बाउंड्री के गैप को भरने का काम इसी साल के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- तकनीकी सत्यापन: C-DAC और BISAG-N जैसी तकनीकी एजेंसियों की देखरेख में सीसीटीवी इंस्टॉलेशन की स्थिति को नवंबर 2026 तक फाइनल किया जाएगा।
इसके अलावा, सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि एक एकड़ से बड़े सभी सार्वजनिक पार्क, जो रिहायशी या सुरक्षित जोन में नहीं हैं, उनके हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे और वहां नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) की जाएगी।