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दिल्ली की हवा में बड़ा सुधार: 2015 के बाद अक्टूबर में दर्ज हुआ अब तक का सबसे कम AQI

रिकॉर्ड बारिश और दिवाली की देरी से दिल्ली की हवा में सुधार हुआ है। अक्टूबर 2026 का औसत AQI अब तक का सबसे कम रहा।

Sonu Nigam· 31 Oct, 1:07 PM · 2 मिनट
दिल्ली की हवा में बड़ा सुधार: 2015 के बाद अक्टूबर में दर्ज हुआ अब तक का सबसे कम AQI

राजधानी दिल्ली के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। साल 2026 के अक्टूबर महीने में दिल्ली ने हवा की गुणवत्ता (AQI) के मामले में पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार अक्टूबर का औसत AQI 168 रहा, जो 2015 के बाद से किसी भी अक्टूबर महीने में दर्ज किया गया सबसे निचला स्तर है। अगर पिछले सालों पर नजर डालें, तो 2025 में यह 223, 2024 में 234 और 2023 में 219 था, जिससे पता चलता है कि इस बार प्रदूषण के स्तर में कितनी बड़ी गिरावट आई है।

हवा में इस सुधार की सबसे बड़ी वजह अक्टूबर के अंत में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश को माना जा रहा है। 30 अक्टूबर की सुबह तक सफदरजंग वेधशाला ने 61.4 मिमी बारिश दर्ज की, जो पिछले चार सालों में अक्टूबर महीने की सबसे अधिक एक दिन की बारिश है। इस बारिश ने जादू की तरह काम किया और गुरुवार को 'खराब' श्रेणी (AQI 222) में रहने वाली हवा शुक्रवार सुबह तक 'संतोषजनक' श्रेणी (AQI 90) में पहुंच गई। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गिरावट और भी ज्यादा थी, जहां AQI 363 के 'गंभीर' स्तर से गिरकर महज 78 तक आ गया था।

बारिश और दिवाली की तारीख ने बदला खेल

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हुई बारिश ने हवा में मौजूद प्रदूषकों और पराली के धुएं को साफ करने में मदद की। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की अनुमिता रॉयचौधुरी के अनुसार, मौसम की इन अनुकूल स्थितियों ने प्रदूषण के स्तर को न्यूनतम रखने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, इस साल दिवाली 8 नवंबर को है, जबकि पिछले सालों में यह अक्टूबर के अंत में थी। पटाखों की वजह से होने वाला प्रदूषण इस बार अक्टूबर के आंकड़ों में शामिल नहीं हुआ, जिससे औसत AQI कम रहा।

आंकड़ों की बात करें तो अक्टूबर 2026 में एक भी दिन ऐसा नहीं था जब AQI 300 के पार गया हो, जबकि 2024 में ऐसे 12 दिन और 2025 में 8 दिन थे। दिल्ली सरकार के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इस सुधार का श्रेय अनुकूल मौसम और सरकार द्वारा उठाए गए प्रदूषण विरोधी कदमों को दिया है।

हालांकि, यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के वैज्ञानिक गुफरान बेग ने चेतावनी दी है कि अक्टूबर के अंत तक हवा की गुणवत्ता फिर से गिर सकती है। खासकर दिवाली के बाद वाले हफ्ते में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ सकता है, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगा। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक स्थिति मध्यम रह सकती है, लेकिन 1 नवंबर से हवा फिर से 'खराब' श्रेणी में जा सकती है।

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