दिल्ली-एनसीआर में बारिश से साफ हुई हवा, लेकिन प्रदूषण रोकने के लिए नए प्रतिबंध लागू
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से हवा साफ हुई और तापमान गिरा, लेकिन प्रदूषण रोकने के लिए CAQM ने नए सख्त निर्देश जारी किए हैं।

दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए शनिवार का दिन राहत भरा रहा। भारी बारिश के बाद न केवल मौसम में ठंडक घुली, बल्कि दिल्ली एनसीआर वायु गुणवत्ता में भी काफी सुधार देखा गया। सुबह के समय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज किया गया, हालांकि दिन चढ़ने के साथ यह बढ़कर 179 के स्तर पर पहुंच गया, जिसे 'अस्वास्थ्यकर' माना जाता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग इलाकों में हवा की स्थिति अलग रही। आईआईटी दिल्ली में AQI 73 और बुराड़ी में 80 दर्ज किया गया, जबकि अशोक विहार में यह 104 और आनंद विहार में 116 रहा। गौरतलब है कि दिल्ली ने इस बार अक्टूबर महीने में पिछले एक दशक की सबसे साफ हवा का अनुभव किया है, जहां मासिक औसत AQI 167 रहा, जो 2015 के बाद सबसे कम है।
75 साल का टूटा रिकॉर्ड, अब फिर बढ़ेगा प्रदूषण का खतरा
मौसम के मिजाज ने इस बार सबको चौंका दिया। सफदरजंग में शुक्रवार सुबह तक 61.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई। शनिवार को दिल्ली ने पिछले 75 वर्षों का सबसे ठंडा अक्टूबर देखा, जहां अधिकतम तापमान गिरकर 20.7°C रह गया। यह 1951 के बाद अक्टूबर महीने का सबसे न्यूनतम अधिकतम तापमान है।
लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 1 नवंबर से हवा की गुणवत्ता फिर से 'खराब' श्रेणी में जा सकती है और आने वाले छह दिनों में यह 'खराब' से 'बहुत खराब' के बीच रह सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 26°C से 28°C और न्यूनतम 15°C से 17°C के बीच रहने का अनुमान है।
प्रदूषण के संभावित खतरे को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त कदम उठाए हैं। CAQM अधिनियम, 2021 की धारा 12 के तहत 5 नवंबर से 20 नवंबर तक के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इन प्रतिबंधों के तहत:
- धूल पैदा करने वाली निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
- क्षेत्र के निर्धारित हिस्सों में 50% वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) पॉलिसी लागू करने का आदेश दिया गया है।