नकली दवा वेबसाइट से पंजाब के लोगों को ठगने वाला गिरोह पकड़ाया, दिल्ली पुलिस ने दो को दबोचा
दिल्ली पुलिस ने पंजाब के लोगों को निशाना बनाने वाली नकली दवा वेबसाइट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर ऑनलाइन फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो एक फर्जी वेबसाइट के जरिए पंजाब के निवासियों को अपना शिकार बना रहा था। यह गिरोह स्वास्थ्य सप्लीमेंट्स और दवाओं के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 वर्षीय हितेन कुमार और 22 वर्षीय आयुष आर्य को गिरफ्तार किया है।
इस पूरे घोटाले का खुलासा तब हुआ जब अमृतसर के एक निवासी ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि 27 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच उसने www.openlifevedixa.com नाम की वेबसाइट से कुछ उत्पाद ऑर्डर किए थे, जिसके लिए उसने करीब 83,257 रुपये का भुगतान किया। लेकिन पैसे देने के बावजूद उसे कोई सामान नहीं मिला, जिसके बाद उसने पुलिस से मदद मांगी। इस शिकायत के आधार पर ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
बैंक ट्रांजेक्शन और कमीशन का खेल
पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच की, तो बैंक खातों के विवरण और केवाईसी दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया। जांच में पता चला कि धोखाधड़ी के जरिए कुल 2,66,437 रुपये दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे, जिन्हें बाद में एटीएम के जरिए निकाल लिया गया।
पुलिस ने 21 अक्टूबर को हितेन कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में कबूला कि वह अवैध पैसों के लेन-देन में मदद कर रहा था। वहीं, दूसरे आरोपी आयुष आर्य ने स्वीकार किया कि उसने अपने और अपने एक दोस्त के बैंक खाते के विवरण हितेन को दिए थे। इसके बदले में उसे ठगी गई रकम का 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। दिल्ली पुलिस अब उस तीसरे मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जो इस फर्जी वेबसाइट को संचालित कर रहा था और ऑनलाइन बिक्री का पूरा खेल मैनेज कर रहा था।