ऑपरेशन साइहॉक 6.0: दिल्ली पुलिस ने देशभर में मारा छापा, 479 करोड़ की ठगी में 944 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन साइहॉक 6.0 के तहत देशव्यापी छापेमारी कर 944 साइबर अपराधियों को दबोचा और 479 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा किया।

राजधानी की दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक बहुत बड़ा अभियान चलाया है। 'ऑपरेशन साइहॉक 6.0' के जरिए पुलिस ने देशभर में जाल बिछाकर 944 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई 28 और 29 अक्टूबर को की गई, जिसमें करीब 479.14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामलों का पर्दाफाश हुआ है। इस बड़े एक्शन से उन साइबर ठगों में हड़कंप मच गया है जो आम लोगों की मेहनत की कमाई पर नजर गड़ाए बैठे थे।
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (IFSO) चिन्मय बिस्वाल और जॉइंट सीपी (नई दिल्ली रेंज) नूपुर प्रसाद ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 4,002 शिकायतों का समाधान किया गया है। पुलिस ने कुल 1,032 मामलों पर कार्रवाई की, जिसमें 596 नई एफआईआर दर्ज की गईं और 432 पुराने मामलों को सुलझाया गया। इस मिशन को अंजाम देने के लिए 283 विशेष टीमों को तैनात किया गया था, जिन्होंने 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ छापेमारी की।
बैंक मैनेजर और एजेंट भी निकले ठगों के साथी
हैरानी की बात यह है कि इस खेल में बैंकिंग सिस्टम के अंदर बैठे लोग भी शामिल थे। पुलिस ने एक बैंक मैनेजर और चार बैंक एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जिन पर इन आपराधिक गतिविधियों में मदद करने का शक है। जांच में सामने आया कि ये सिंडिकेट किसी संगठित बिजनेस की तरह काम कर रहे थे। ये लोग फर्जी मोबाइल ऐप, फिशिंग, केवाईसी फ्रॉड और लोन ऐप के जरिए लोगों को डराकर उनसे पैसे वसूलते थे।
इन ठगों ने पैसों की हेराफेरी के लिए शेल कंपनियों और अवैध बैंकिंग चैनलों का सहारा लिया। चोरी किए गए पैसों को एटीएम, कैश विड्रॉल, सोने की खरीद और USDT क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठिकाने लगाया जा रहा था। इस पूरी कार्रवाई में गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के डेटा का इस्तेमाल किया गया, जिससे पुलिस को ठगों के ठिकाने खोजने में मदद मिली।
इसी बीच, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने एक अलग गैंग का भी भंडाफोड़ किया है जो छात्रों को स्कॉलरशिप के नाम पर ठग रहा था। इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा गया है और उनके पास से एक एक्सेल फाइल मिली है, जिसमें करीब 54,000 परिवारों के संपर्क विवरण दर्ज थे।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि 'ऑपरेशन साइहॉक' आगे भी जारी रहेगा। अब पुलिस का मुख्य फोकस विदेश में बैठे मास्टरमाइंड्स को पकड़ने, चोरी हुए पैसों का पूरा ट्रेल निकालने और ठगी गई रकम को पीड़ितों तक वापस पहुंचाने पर होगा।