दिल्ली में 1 नवंबर से GRAP नियम लागू: प्राइवेट ऑफिसों में 50% वर्क फ्रॉम होम, गाड़ियों पर सख्त पाबंदी
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए GRAP नियम लागू किए हैं। अब प्राइवेट ऑफिसों में 50% वर्क फ्रॉम होम और वाहनों पर सख्त पाबंदी रहेगी।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। 1 नवंबर से दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके तहत 'विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान' को लागू किया गया है। यह योजना 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। पर्यावरण विभाग और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा अनुमोदित इन नियमों का मुख्य उद्देश्य हवा की गिरती गुणवत्ता को सुधारना है। गौरतलब है कि GRAP का पहला चरण 21 अक्टूबर को ही लागू कर दिया गया था, लेकिन अब प्रतिबंधों का दायरा बढ़ा दिया गया है।
वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस टाइमिंग में बदलाव
प्रदूषण के असर को कम करने के लिए कामकाज के तरीकों में बड़ा बदलाव किया गया है। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निजी कार्यालयों (Private Offices) के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम लागू करना अनिवार्य होगा। वहीं, सरकारी दफ्तरों में भी केवल 50% स्टाफ ही मौजूद रहेगा और उनके काम के घंटों में बदलाव किया गया है। एमसीडी (MCD) के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे। हालांकि, स्वास्थ्य, फायर सर्विस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी जरूरी सेवाओं को इस नियम से बाहर रखा गया है।
वाहनों के मोर्चे पर भी सरकार काफी सख्त नजर आ रही है। दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI कमर्शियल गुड्स वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इंटरस्टेट डीजल बसें, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करतीं, उन्हें भी शहर में आने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, ट्रैक्टर और 'जुगाड़' वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी। 'नो PUCC, नो फ्यूल' का नियम सख्ती से लागू रहेगा, जिसमें उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जो ट्रक दिल्ली के लिए नहीं हैं, उन्हें ईस्टर्न या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना होगा।
निर्माण कार्यों पर भी लगाम कसी गई है। 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाले किसी भी तरह के विध्वंस या बाहरी सिविल निर्माण कार्य पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, 3,000 वर्ग मीटर से अधिक के कमर्शियल हाई-राइज बिल्डिंग्स के लिए एंटी-स्मॉग गन या मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
एक और बड़ा बदलाव पार्किंग शुल्क में किया गया है। 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर फीस दोगुनी कर दी गई है, हालांकि इसमें DMRC द्वारा संचालित पार्किंग शामिल नहीं हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक भोजनालयों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पहले से लगी रोक जारी रहेगी।
हालांकि अक्टूबर के अंत में दिल्ली की हवा एक दशक के सबसे स्वच्छ स्तर (AQI 60) पर थी, लेकिन अब स्थिति फिर बिगड़ने लगी है। वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली के अनुसार, हवा की स्थिति 'मध्यम' से 'खराब' की ओर बढ़ रही है और अगले कुछ दिनों तक इसके 'बेहद खराब' रहने की आशंका है। सरकार इस स्थिति पर नजर रखने के लिए IIT दिल्ली और मौसम विभाग (IMD) के साथ मिलकर काम कर रही है।