दिल्ली को मिली बड़ी सौगात: 8,941 करोड़ रुपये से सुधरेगा पानी और सीवेज सिस्टम, यमुना की सफाई में तेजी
अमित शाह ने दिल्ली में 8,941 करोड़ रुपये के जल और सीवेज प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की, जिससे यमुना की सफाई और 2 करोड़ लोगों को पानी मिलेगा।

देश की राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। दिल्ली के जल और सीवेज बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदलने के लिए भारत सरकार, जापान सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) ने हाथ मिलाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करीब 8,941 करोड़ रुपये की लागत वाली विशाल परियोजनाओं का शुभारंभ किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की 2 करोड़ आबादी को 24x7 पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना और यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाना है।
इस बड़े मिशन के तहत, गृह मंत्री अमित शाह ने 2,827.11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 10 परियोजनाओं का उद्घाटन किया और साथ ही 6,114.11 करोड़ रुपये की 33 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। कुल मिलाकर दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की ये 43 योजनाएं शहर की सूरत बदलने वाली हैं। इसमें JICA द्वारा सहायता प्राप्त चार प्रमुख सुविधाएं भी शामिल हैं, जिन पर लगभग 1,810 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
यमुना की सफाई और आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट पर जोर
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दिन को शहर के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के जरिए यमुना का कायाकल्प होगा और गंदे पानी के उपचार की व्यवस्था बेहतर होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुछ खास बातें इस प्रकार हैं:
- चंद्रवल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट: 477 MLD क्षमता वाला यह प्लांट 1935 और 1955 की पुरानी सुविधाओं की जगह लेगा, जिससे करीब 22 लाख लोगों को फायदा होगा।
- ओखला वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट: 1,161 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 124 MGD का यह प्लांट भारत का अपनी तरह का सबसे बड़ा प्लांट होगा।
- सीवेज नेटवर्क का विस्तार: 1,691 करोड़ रुपये की लागत से 1,034 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिससे 25.8 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
- नए एसटीपी: बाहरी दिल्ली में 3,113.67 करोड़ रुपये की लागत से 29 नए विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इसके अलावा रिठाला और कोंडली प्लांट का नवीनीकरण और 8 पुराने प्लांटों का अपग्रेडेशन भी किया जाएगा।
यमुना नदी की सफाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने भरोसा जताया है कि मई 2029 तक नदी पूरी तरह साफ हो जाएगी, जबकि अब तक लक्ष्य का 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं, दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 'नॉन-रेवेन्यू वॉटर लॉस' (पानी की बर्बादी) को 15 प्रतिशत से नीचे लाना है। उम्मीद है कि ये सभी प्रोजेक्ट अगले 24 से 30 महीनों में पूरे कर लिए जाएंगे।