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दिल्ली वाहन प्रतिबंध: वकीलों और जजों को छूट देने की मांग, DHCBA ने LG को लिखा पत्र

दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जजों और वकीलों को BS-VI वाहन प्रतिबंध से छूट देने की मांग की है। जानें क्या है पूरा मामला।

Sonu Nigam· 31 Oct, 1:08 PM · 2 मिनट
दिल्ली वाहन प्रतिबंध: वकीलों और जजों को छूट देने की मांग, DHCBA ने LG को लिखा पत्र

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए लागू होने वाले कड़े वाहन नियमों को लेकर अब कानूनी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने एक औपचारिक अनुरोध किया है कि आने वाली 1 नवंबर, 2026 से लागू होने वाले वाहन प्रतिबंधों से न्यायिक समुदाय को बाहर रखा जाए। एसोसिएशन ने मांग की है कि जजों, वकीलों और कोर्ट के कर्मचारियों को इन नियमों से छूट दी जाए ताकि न्याय प्रणाली के कामकाज में कोई बाधा न आए।

इस संबंध में DHCBA के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने 30 अक्टूबर को दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) और दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि कानूनी पेशा न्याय प्रशासन में एक अनिवार्य सेवा प्रदान करता है, इसलिए इस वर्ग को विशेष विचार और राहत मिलनी चाहिए।

नोएडा-गुरुग्राम से आते हैं वकील, महंगी हाउसिंग बनी वजह

एसोसिएशन ने अपनी मांग के पीछे एक बड़ा व्यावहारिक कारण बताया है। अध्यक्ष एन. हरिहरन ने रेखांकित किया कि दिल्ली में रहने का खर्च और घरों की बढ़ती कीमतें इतनी ज्यादा हो गई हैं कि कई वकीलों के लिए राजधानी में रहना नामुमकिन हो गया है। इस वजह से बड़ी संख्या में वकील नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद जैसे पड़ोसी शहरों से रोजाना दिल्ली सफर करते हैं। ऐसे में अचानक लागू होने वाले प्रतिबंध उनके पेशेवर जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं।

दरअसल, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 30 अक्टूबर को संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत इन प्रतिबंधों की घोषणा की थी। नए नियमों के मुताबिक, केवल BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को ही दिल्ली की सड़कों पर चलने की अनुमति होगी। जो वाहन इन मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें जब्त करने का अधिकार ट्रैफिक पुलिस के पास होगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए बॉर्डर चेकपोस्ट पर AI-पावर्ड कैमरों और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

हालांकि BS-VI मानक 2020 में पेश किए गए थे, लेकिन अब तक पुराने वाहनों को उनकी निर्धारित उम्र (डीजल के लिए 10 साल और पेट्रोल के लिए 15 साल) तक चलने की अनुमति थी। लेकिन नई नीति के तहत अब केवल BS-VI, CNG, इलेक्ट्रिक और विशेष रूप से छूट प्राप्त वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, गैर-अनुपालन वाली अंतरराज्यीय बसों पर रोक होगी और दिल्ली न जाने वाले ट्रकों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा जाएगा।

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