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दिल्ली मेट्रो पिंक लाइन पर अब प्लेटफॉर्म से ही पता चलेगी कोच की भीड़

DMRC ने पिंक लाइन पर रियल-टाइम कोच ऑक्यूपेंसी सिस्टम शुरू किया है, जिससे यात्री प्लेटफॉर्म पर ही जान सकेंगे कि किस कोच में कितनी भीड़ है।

Sonu Nigam· 31 Oct, 1:07 PM · 2 मिनट
दिल्ली मेट्रो पिंक लाइन पर अब प्लेटफॉर्म से ही पता चलेगी कोच की भीड़

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी राहत आई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अपनी पिंक लाइन (लाइन 7) पर 'रियल-टाइम कोच ऑक्यूपेंसी डिस्प्ले सिस्टम' की शुरुआत कर दी है। अब यात्रियों को ट्रेन आने से पहले ही यह पता चल जाएगा कि किस कोच में कितनी भीड़ है और कहां जगह खाली है, ताकि वे प्लेटफॉर्म पर ही अपनी पोजीशन तय कर सकें।

यह सुविधा मजलिस पार्क से शिव विहार तक के पूरे रूट पर उपलब्ध होगी, जिसमें मौजपुर-बबबर्पुर सेक्शन भी शामिल है। इस सिस्टम के तहत स्टेशन प्लेटफॉर्म पर लगी पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (PIDS) स्क्रीन पर ट्रेन के सभी छह कोचों (C1 से C6) में भीड़ का अनुमानित स्तर दिखाया जाएगा।

कैसे काम करता है यह स्मार्ट सिस्टम?

इस तकनीक के पीछे खास तरह के लोड सेंसर काम कर रहे हैं, जिन्हें मेट्रो के कोचों में लगाया गया है। ये सेंसर कोच के खाली वजन और यात्रियों के आने के बाद के वजन की तुलना करते हैं, जिससे यह पता चलता है कि कोच कितने प्रतिशत भरा हुआ है। हालांकि, स्क्रीन पर दिखने वाले आंकड़े बिल्कुल सटीक नहीं बल्कि अनुमानित होते हैं, लेकिन यह यात्रियों को यह तय करने में मदद करने के लिए काफी हैं कि उन्हें किस कोच में चढ़ना चाहिए।

DMRC के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने बताया कि पिंक लाइन के सर्कुलर रूट और डेटा इंटरलिंकिंग की जटिलताओं के कारण इसे लागू करने में कुछ तकनीकी चुनौतियां थीं, जिन्हें अब सुलझा लिया गया है।

गौरतलब है कि यह सिस्टम पहले से ही मजेंटा लाइन (लाइन 8) पर 2022 से काम कर रहा है, जहां इसे काफी सराहा गया था। DMRC का मुख्य उद्देश्य पीक ऑवर्स के दौरान किसी एक कोच में होने वाली अत्यधिक भीड़ को कम करना और यात्रियों के वितरण को बेहतर बनाना है। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि सफर अधिक आरामदायक और सुरक्षित भी होगा।

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