दिल्ली एनसीआर

नोएडा: लेबर बोनस की फर्जी खबर फैलाने वालों पर FIR, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

नोएडा में लेबर बोनस को लेकर सोशल मीडिया पर फैली फर्जी खबरों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। एडिशनल लेबर कमिश्नर ने बोनस पात्रता के नियम साफ किए।

Sonu Nigam· 31 Oct, 1:07 PM · 2 मिनट
नोएडा: लेबर बोनस की फर्जी खबर फैलाने वालों पर FIR, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

नोएडा में दिवाली के मौके पर लेबर बोनस को लेकर सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हुई, जिसने कर्मचारियों के बीच हलचल मचा दी। इस खबर में दावा किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी सरकारी और निजी कंपनियों को 5 नवंबर तक 5,100 रुपये का बोनस देना होगा। हालांकि, एडिशनल लेबर कमिश्नर राकेश द्विवेदी ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत करार देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारियों के आधार पर कोई भी कर्मचारी विरोध प्रदर्शन या हंगामा न करे। राकेश द्विवेदी ने कहा कि कुछ शरारती तत्व माहौल बिगाड़ने के लिए इस तरह की झूठी खबरें फैला रहे हैं, जिन्हें बख्शा नहीं जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बोनस पाने के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?

भ्रम को दूर करने के लिए एडिशनल लेबर कमिश्नर ने बोनस भुगतान के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) भी साफ किए हैं। उन्होंने बताया कि बोनस पाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी चाहिए:

  • कर्मचारी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) के दौरान कम से कम 30 दिन काम किया हो।
  • जिस कंपनी में कर्मचारी कार्यरत है, वह कंपनी कम से कम पांच साल पुरानी होनी चाहिए।
  • कंपनी का मुनाफे में होना अनिवार्य है, तभी कर्मचारी बोनस के हकदार होंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद कंपनी में शामिल हुए हैं, वे अगले वर्ष बोनस के लिए पात्र होंगे। बोनस वितरण की अंतिम समय सीमा 30 नवंबर 2026 तय की गई है।

प्रशासन ने सभी श्रमिकों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी भी संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि उन्हें किसी बोनस या भुगतान को लेकर कोई संदेह है, तो वे सीधे लेबर विभाग, जिला प्रशासन या पुलिस से संपर्क कर सच्चाई का पता लगा सकते हैं। अधिकारी ने जोर देकर कहा कि आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही जानकारी सत्यापित करें ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम या विवाद से बचा जा सके।

यह ख़बर दोस्तों तक पहुँचाएँ
शेयर करें

Comments

Leave a comment