दिल्ली में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, 11 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा भाव
दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमतों में ₹8,300 की बड़ी गिरावट आई है। जानें अब क्या है प्रति किलो रेट और क्यों गिरी कीमतें।

अगर आप दिवाली और धनतेरस के मौके पर चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली के बुलियन मार्केट में चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। 30 अक्टूबर 2026 को चांदी के दाम एक झटके में 8,300 रुपये तक टूट गए, जिसके बाद यह सफेद धातु अब 1,90,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। गौर करने वाली बात यह है कि चांदी की कीमतें पिछले करीब 11 महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं।
कीमतों में यह गिरावट केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की अस्थिरता से जुड़ा है। ग्लोबल मार्केट में स्पॉट सिल्वर 1.6% गिरकर 51.27 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में इसमें 2.59% की गिरावट देखी गई और भाव 50.80 डॉलर प्रति औंस रह गया। जानकारों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.75% से 4% के बीच बनाए रखने के फैसले ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर चांदी और सोने जैसी संपत्तियों की मांग को कम करती हैं।
त्योहारी सीजन से पहले ग्राहकों को मिली राहत
भारतीय बाजार में इस गिरावट का असर रिटेल स्तर पर भी दिखा, जहां चांदी के दाम 215 रुपये से गिरकर 210 रुपये प्रति ग्राम पर आ गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स में 6,366 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ट्रेडिंग लेवल 1,84,035 से 1,85,500 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहा।
हैरानी की बात यह है कि जनवरी 2026 में चांदी ने 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन तब से अब तक इसमें करीब 56% की भारी गिरावट आ चुकी है। अकेले अक्टूबर महीने में ही चांदी के दाम लगभग 25,000 रुपये प्रति किलोग्राम नीचे गिरे हैं। इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) ने 999 फाइन सिल्वर का भाव 1,87,530 रुपये प्रति किलोग्राम बताया है, जबकि अन्य मार्केट मैट्रिक्स में यह 1,89,217 रुपये के आसपास देखा गया।
कमोडिटी एक्सपर्ट्स अब 1,83,000 से 1,85,000 रुपये के सपोर्ट लेवल पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में कीमतों में आई यह गिरावट आम ग्राहकों और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का एक सुनहरा मौका साबित हो सकती है।