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IAF चीफ: एपी सिंह ने दी विदाई, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संभाली वायुसेना की कमान

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कमान सौंपी, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख। जानें उनके अनुभव और उपलब्धियां।

Sonu Nigam· 31 Oct, 1:07 PM · 2 मिनट
IAF चीफ: एपी सिंह ने दी विदाई, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संभाली वायुसेना की कमान

भारतीय वायुसेना में आज एक बड़ा बदलाव हुआ है। निवर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने अपनी सेवा अवधि पूरी कर ली है और कमान एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को सौंप दी है। इस महत्वपूर्ण बदलाव से पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और वहां पुष्पचक्र चढ़ाया।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का कार्यकाल 25 महीनों का रहा, जिसके बाद अब वे सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके विदाई समारोह की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आयोजित एक आधिकारिक विदाई से हुई थी। शनिवार को उनके सम्मान में एक औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' भी दिया गया, जो उनके कार्यालय में अंतिम दिन के तौर पर यादगार रहा।

कौन हैं नए वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित?

वायुसेना के नए प्रमुख बने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस और अन्य स्वदेशी विमान परियोजनाओं को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में वायुसेना की स्वदेशीकरण की मुहिम और अधिक मजबूत होगी।

उनके करियर पर नजर डालें तो एयर मार्शल दीक्षित का अनुभव काफी व्यापक है:

  • फ्लाइंग अनुभव: उन्होंने अब तक 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान भरी है।
  • शिक्षा: वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं।
  • प्रमुख नियुक्तियां: उन्होंने नंबर 9 स्क्वाड्रन को मिराज-2000 विमानों से लैस किया। इसके अलावा, उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में एक फ्रंटलाइन फाइटर एयर बेस और दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली।
  • महत्वपूर्ण पद: वे दक्षिणी वायु कमान के एयर डिफेंस कमांडर और वायु मुख्यालय (वायु भवन) में असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स और प्लान्स) जैसे पदों पर रह चुके हैं।

उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई सैन्य सम्मानों से नवाजा गया है, जिनमें 2006 में वायु सेना पदक, 2011 में विशिष्ट सेवा पदक, 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।

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