चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली समेत 6 राज्यों में वोटर लिस्ट रिवीजन की समयसीमा बढ़ी
चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत 6 राज्यों में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की डेडलाइन बढ़ा दी है। जानें नई तारीखें और पूरी प्रक्रिया।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने दिल्ली और छह अन्य राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है। आयोग ने यह कदम संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध पर उठाया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और वोटर लिस्ट पूरी तरह अपडेट हो सके।
दिल्ली की बात करें तो यहां अब दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 25 नवंबर, 2026 कर दी गई है। इन आपत्तियों का निपटारा 15 दिसंबर तक किया जाएगा और राजधानी की अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर, 2026 को प्रकाशित होगी। गौरतलब है कि पहले यह काम 4 दिसंबर तक पूरा होना था। आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट रोल से करीब 47.6 लाख नाम हटाए गए थे, जिनमें से 30 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है। वहीं, नए मतदाता पंजीकरण के लिए लगभग 2.75 लाख आवेदन मिले हैं।
अन्य राज्यों के लिए नई डेडलाइन
चुनाव आयोग ने अन्य राज्यों के लिए भी विस्तृत समय सारिणी जारी की है, जो इस प्रकार है:
- महाराष्ट्र: दावे और आपत्तियां दर्ज करने की आखिरी तारीख 13 नवंबर है। इनका निपटारा 25 नवंबर तक होगा और फाइनल लिस्ट 30 नवंबर को आएगी।
- हरियाणा और आंध्र प्रदेश: यहां दावों और आपत्तियों का निपटारा 20 नवंबर तक पूरा करना होगा और अंतिम सूची 30 नवंबर को जारी होगी।
- तेलंगाना: निपटान की अवधि 26 नवंबर तक बढ़ा दी गई है और फाइनल रोल 30 नवंबर को प्रकाशित होगा।
- नागालैंड: यहां भी आपत्तियों का निपटारा 25 नवंबर तक होगा और अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को आएगी।
निर्वाचन आयोग ने स्थानीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आम जनता को इन संशोधित तारीखों की जानकारी मिले, ताकि अधिक से अधिक लोग अपना नाम जुड़वा सकें या वोटर लिस्ट में जरूरी सुधार करवा सकें।