शिवराज सिंह चौहान की माता का निधन, पीएम मोदी ने कहा- हृदय में खालीपन छोड़ जाता है मां का जाना
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई का निधन हो गया है। पीएम मोदी ने शोक संदेश भेजकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए यह समय अत्यंत दुखद है। उनकी माता काशी बाई का निधन हो गया है, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें एक भावुक पत्र लिखकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मां का स्नेह जीवन की सबसे बड़ी ताकत होता है और उनका जाना हृदय में एक ऐसा खालीपन पैदा कर देता है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि शिवराज जी के सार्वजनिक जीवन की लंबी यात्रा में उनके परिवार द्वारा दिए गए संस्कारों और बड़ों के आशीर्वाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि भले ही उनकी माता अब शारीरिक रूप से उनके साथ नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और उनके द्वारा दिए गए मूल्य हमेशा जीवन को आलोकित करते रहेंगे। पीएम ने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय को सहने की शक्ति मिले।
अंतिम संस्कार और भावुक विदाई
काशी बाई पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और भोपाल के एम्स (AIIMS) में उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को पहले भोपाल के साकेत नगर स्थित निवास पर रखा गया, जहां विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद, उनके पैतृक गांव जैत (सीहोर जिला) में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई कैबिनेट मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी माता जैसी काशी बाई को अंतिम विदाई दी।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, शिवराज सिंह चौहान ने अपनी माता की स्मृति में जैत गांव में एक पौधा लगाया। इस भावुक क्षण में उन्होंने कहा कि मां का प्यार एक पेड़ की शीतल छाया की तरह होता है जो जीवनभर साथ रहता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पौधा बड़ा होकर पक्षियों और कीटों को आश्रय देगा और उसकी ऑक्सीजन पर्यावरण को शुद्ध रखेगी, जिससे उनकी माता की यादें हमेशा जीवित रहेंगी।