सरदार पटेल की जयंती पर गूंजा एकता का संदेश, CM भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 'रन फॉर यूनिटी' को किया रवाना
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर देशभर में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस। राजस्थान समेत कई राज्यों में 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन हुआ।

भारत के 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) बेहद उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर राजस्थान की राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को सरदार पटेल के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि बताया और कहा कि यह दौड़ देश की एकता, अखंडता और आत्म-सम्मान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल भारत की एकता और अखंडता के महान शिल्पकार थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम ने स्वयं सभी से इस दौड़ में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया था, और जयपुर में लोगों की भारी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि देश पटेल जी के आदर्शों से जुड़ा हुआ है।
देशभर में दिखा एकता का जज्बा, कई राज्यों में हुए आयोजन
केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी राष्ट्रीय एकता दिवस की धूम रही। दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'रन फॉर यूनिटी' की शुरुआत की। वहीं त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दौड़ को रवाना करते हुए कहा कि बाहरी ताकतों द्वारा भारत की अखंडता को कमजोर करने की कोशिशों के बीच सरदार पटेल की जयंती मनाना और भी प्रासंगिक हो गया है।
मणिपुर के चुराचांदपुर में जिला प्रशासन द्वारा 'शांति के लिए राष्ट्रीय एकता दौड़' का आयोजन किया गया। वहीं चंडीगढ़ में आयोजित 'एकता यात्रा' में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शिरकत की। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि नई पीढ़ी नशे के जाल से बच जाती है, तो अगले पांच वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट दिखाई देंगे।
राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी इस दौड़ में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर एक संगठित भारत का निर्माण किया था, उसी तर्ज पर प्रधानमंत्री मोदी आज 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत साल 2014 में की गई थी, ताकि देश के राजनीतिक एकीकरण और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के अतुलनीय योगदान को याद रखा जा सके।