देश

शशि थरूर ने इंदिरा गांधी को दी भावुक श्रद्धांजलि, याद किया छात्र जीवन में उनके साथ हुआ इंटरव्यू

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया और अपने छात्र जीवन के दौरान उनके साथ हुई मुलाकातों का जिक्र किया।

Sonu Nigam· 31 Oct, 1:07 PM · 2 मिनट
शशि थरूर ने इंदिरा गांधी को दी भावुक श्रद्धांजलि, याद किया छात्र जीवन में उनके साथ हुआ इंटरव्यू

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया है। थरूर ने अपने छात्र जीवन के उन दिनों को याद किया जब उन्हें इंदिरा गांधी से मिलने और उनका इंटरव्यू लेने का मौका मिला था। उन्होंने इंदिरा गांधी की हत्या को न केवल देश के लिए, बल्कि अपने लिए भी एक बड़ा व्यक्तिगत झटका बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी यादें साझा करते हुए थरूर ने बताया कि उनकी इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात 1974 में हुई थी, जब वह सेंट स्टीफंस कॉलेज के छात्र संघ के अध्यक्ष थे। इसके बाद, 1975 की शुरुआत में उन्होंने एक स्विस यूथ मैगजीन के लिए उनका इंटरव्यू लिया। थरूर यहीं नहीं रुके, 1977 में चुनावी हार के बाद उन्होंने अपनी डॉक्टरेट थीसिस (foreign policy) के लिए इंदिरा गांधी का दो बार विस्तृत इंटरव्यू लिया था।

आपातकाल का विरोध, लेकिन व्यक्तित्व का सम्मान

शशि थरूर ने अपनी पोस्ट में ईमानदारी से यह स्वीकार किया कि वह आपातकाल (Emergency) और इंदिरा गांधी के शासन के दौरान हुई कुछ सत्तावादी कार्रवाइयों के कड़े विरोधी थे। हालांकि, उन्होंने लिखा कि इन मतभेदों के बावजूद, 1984 में उनकी हत्या ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। थरूर के अनुसार, यह लोकतंत्र के लिए एक दुखद मोड़ था कि एक प्रधानमंत्री का राजनीतिक भाग्य मतपत्रों (ballots) के बजाय गोलियों (bullets) से तय हुआ।

इंदिरा गांधी के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि का जिक्र करते हुए थरूर ने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध को सबसे महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उस युद्ध में इंदिरा गांधी ने नैतिक स्पष्टता के साथ काम किया, जिससे लाखों लोग आजाद हुए, दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट समाप्त हुआ और उपमहाद्वीप का नक्शा बदल गया।

बता दें कि भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1966 से 1977 और फिर 1980 से 1984 तक देश का नेतृत्व किया। 31 अक्टूबर 1984 को उनके अपने ही अंगरक्षकों ने नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनकी हत्या कर दी थी।

यह ख़बर दोस्तों तक पहुँचाएँ
शेयर करें

Comments

Leave a comment