CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का महाभियोग कार्यक्रम आज, राहुल गांधी ने किया आह्वान
INDIA गठबंधन आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करेगा। राहुल गांधी ने रामलीला मैदान मार्च का भी आह्वान किया।

देश की राजनीति में हलचल तेज है। विपक्षी गठबंधन INDIA आज मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। यह कार्यक्रम शनिवार दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास (10, राजाजी मार्ग) पर होगा। आपको बता दें कि यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को होना था, लेकिन दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ नेताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से इसे कल (शनिवार) के लिए रीशेड्यूल किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि बारिश की वजह से वरिष्ठ नेताओं को बैठने में असुविधा हो सकती थी, इसलिए यह फैसला लिया गया।
लोकतंत्र बचाने के लिए रामलीला मैदान में जुटेंगे लोग
महाभियोग कार्यक्रम के साथ-साथ राहुल गांधी ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले मार्च के लिए भी सभी को आमंत्रित किया है। उन्होंने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज के सदस्यों, पत्रकारों और आम नागरिकों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। राहुल गांधी का आरोप है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग के नेतृत्व में लोकतंत्र को नष्ट किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्री उन लोगों को दिल्ली आने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं जो यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से रैली में शामिल होने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लाखों मतदाताओं के वोट चोरी हुए हैं और जनता इस बात से बेहद नाराज है।
विपक्ष के नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी अनियमितताओं का फायदा भाजपा नेतृत्व और उद्योगपति गौतम अडानी व मुकेश अंबानी उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन संविधान, भारत की मूल अवधारणा और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होकर किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के कई दिग्गज नेता जैसे प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेरा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश भी इस मुहिम में सक्रिय रूप से शामिल हैं। अब सबकी नजरें शनिवार के कार्यक्रम और 1 नवंबर के मार्च पर टिकी हैं, जिससे यह संकेत मिलेगा कि जनता की भावनाएं इस मुद्दे पर क्या हैं।