इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि: मल्लिकार्जुन खड़गे ने याद किया साहस, कहा- 'उनका बलिदान हमारी अमिट याद'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया और उनके साहस को प्रेरणा बताया।

भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। खड़गे ने देश की एकता, अखंडता और विकास में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें साहस और संकल्प का प्रतीक बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा कि इंदिरा गांधी का साहस हम सभी के लिए प्रेरणा है और उनका बलिदान हमारी यादों में हमेशा जीवित रहेगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा गांधी के उन शब्दों को भी साझा किया, जिनमें उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने की बात कही थी। उन्होंने याद दिलाया कि इंदिरा गांधी ने कहा था कि जब तक उनमें सांस है, उनकी सेवा जारी रहेगी और उनके खून की हर एक बूंद भारत को एक रखने के काम आएगी। खड़गे ने उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को राष्ट्र कभी नहीं भुला पाएगा।
शक्ति स्थल पर जुटे कांग्रेस दिग्गज, 'आयरन लेडी' को किया याद
राजधानी दिल्ली के शक्ति स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व और देश के प्रति उनके समर्पण को याद किया।
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन्हें 'आयरन लेडी' बताते हुए उनके क्रांतिकारी फैसलों की सराहना की। शिवकुमार ने विशेष रूप से 'गरीबी हटाओ' के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी का दिल हमेशा गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए धड़कता था। उनके फैसलों ने दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा और देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया।
बता दें कि इंदिरा गांधी ने 1966 से 1977 और फिर 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाली। पंडित जवाहरलाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को उनके अपने ही अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी। हर साल इस दिन को उनके राजनीतिक योगदान और देश के प्रति उनकी सेवाओं की याद में मनाया जाता है।