भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा "रांची मेरा दूसरा घर " तीन दिवसीय बैठक के लिए पहुंचे
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन रांची पहुंचे। उन्होंने झारखंड में संगठन को मजबूत करने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने की बात कही है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचे। एयरपोर्ट पर उतरते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। अपनी जन्मभूमि और शिक्षा के केंद्र रहे रांची के प्रति अपना लगाव जाहिर करते हुए नबीन ने कहा कि रांची उनके लिए दूसरे घर जैसा है और उन्हें यहां आने का हर मौका बेहद खास लगता है।
नितिन नबीन का यह दौरा मुख्य रूप से बीजेपी झारखंड राज्य कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के लिए है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने झारखंड में पार्टी के कार्यकर्ताओं के जज्बे की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बीजेपी संगठन जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरा है, उससे वे काफी प्रेरित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही पार्टी विपक्ष में हो, लेकिन उनका पूरा ध्यान जनहित के मुद्दों को उठाने और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने पर रहेगा।
लोकतंत्र और संगठन की मजबूती पर जोर
राज्य की राजनीतिक स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। बीजेपी पूरी तरह से लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर रहकर काम करेगी और संवाद के जरिए अपनी बात रखेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी विधायिका के भीतर और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर, लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी।
नितिन नबीन के इस तीन दिवसीय दौरे का पूरा शेड्यूल काफी व्यस्त है:
- 24 अक्टूबर: इस दिन का मुख्य फोकस जिला स्तर के नेतृत्व को मजबूत करना होगा। सुबह 11:40 बजे सुकुरहुतु के रांची हवेली बैंक्वेट में सभी जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ एक रणनीतिक बैठक होगी, जिसमें संगठन के भविष्य का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 3:00 बजे वे राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक को संबोधित करेंगे।
- 25 अक्टूबर: दौरे के अंतिम दिन वे रांची में विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और स्थानीय नेतृत्व के साथ गहन चर्चा कर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की योजना बनाएंगे।
बता दें कि इससे पहले दिल्ली में सीएसकेएम पब्लिक स्कूल के 41वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जहां छात्र नवाचारों को सीखें और साथ ही अपनी संस्कृति से भी जुड़े रहें, क्योंकि यही भविष्य के भारत का निर्माण करेगा।