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भुवनेश्वर में RBI के नए डेटा सेंटर का आगाज, अब और सुरक्षित होंगे RTGS और NEFT ट्रांजैक्शन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भुवनेश्वर में RBI के नए डेटा सेंटर का उद्घाटन किया, जिससे RTGS और NEFT जैसे पेमेंट सिस्टम और सुरक्षित होंगे।

Sonu Nigam· 25 Oct, 11:14 PM · 2 मिनट
भुवनेश्वर में RBI के नए डेटा सेंटर का आगाज, अब और सुरक्षित होंगे RTGS और NEFT ट्रांजैक्शन

भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और अधिक मजबूती देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। ओडिशा के भुवनेश्वर में आरबीआई के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह नया कैंपस देश के महत्वपूर्ण पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे बैंकिंग सिस्टम में पैसों का लेन-देन और अधिक सुरक्षित और तेज होगा।

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह डेटा सेंटर विशेष रूप से रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) जैसे मिशन-क्रिटिकल सिस्टम्स को सपोर्ट करेगा। ये दोनों प्रणालियां बैंकिंग सेक्टर में बड़े और रिटेल फंड ट्रांसफर के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जाती हैं। उन्होंने सरकार की कोशिशों का जिक्र करते हुए बताया कि 2022 में डेटा सेंटर्स को 'इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस' दिया गया था और बजट 2026-27 में भारत में वैश्विक क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स हॉलिडे की घोषणा की गई है।

साइबर सुरक्षा और AI पर जोर

कार्यक्रम के दौरान आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सुरक्षा के पहलू पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी सिस्टम तब तक जनता का भरोसा नहीं जीत सकता जब तक वह पूरी तरह सुरक्षित न हो। उन्होंने बताया कि यह नई सुविधा न केवल सिस्टम की क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि वित्तीय प्रणालियों के लचीलेपन और सुरक्षा को भी पुख्ता करेगी।

गवर्नर ने आगे जानकारी दी कि नए प्रशिक्षण संस्थान के जरिए आरबीआई अधिकारियों और बैंकिंग सेक्टर के लोगों को साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में कुशल बनाया जाएगा। आरबीआई अब रिस्क की पहचान करने के लिए डेटा एनालिटिक्स और सुपरवाइजरी टेक्नोलॉजी टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है।

डिजिटल इंडिया की सफलता का जिक्र करते हुए निर्मला सीतारमण ने बताया कि UPI आज दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है। उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 2016-17 की तुलना में UPI के सालाना वॉल्यूम में करीब 13,000 गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में, एक महीने में 2,400 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन हो रहे हैं, जिसका मतलब है कि हर दिन लगभग 80 करोड़ ट्रांजैक्शन किए जा रहे हैं।

इस आधुनिक सुविधा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री और आरबीआई गवर्नर की मौजूदगी में किया।

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