दिल्ली MCD लागू करेगा बैरियर-फ्री टोल सिस्टम जाम से मिलेगी राहत
MCD दिल्ली के बॉर्डर पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम लागू करने जा रहा है, जिससे अब वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा और जाम से राहत मिलेगी।

दिल्ली के बॉर्डर पर लगने वाले लंबे जाम से अब जल्द ही राहत मिलने वाली है। दिल्ली नगर निगम (MCD) शहर के प्रवेश द्वारों पर दिल्ली बॉर्डर टोल कलेक्शन के लिए 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम लागू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया है ताकि शहर की सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतारों की समस्या को खत्म किया जा सके। मौजूदा RFID सेटअप की जगह अब ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों और ओवरहेड गैन्ट्री पर लगे RFID रीडर्स का इस्तेमाल होगा। यह तकनीक अपने आप रोड टैक्स और एनवायरमेंटल कंपनसेशन चार्ज (ECC) की वसूली कर लेगी।
अक्टूबर 2026 तक 20 प्रमुख प्लाजा पर लागू होगी सुविधा
MCD ने इस पूरी प्रक्रिया को चरणों में लागू करने की योजना बनाई है। इसके तहत 31 अक्टूबर 2026 तक डीएनडी फ्लाईवे, राजोकरी, कुंडली, बदरपुर और गाजीपुर जैसे 20 प्रमुख नेशनल हाईवे एंट्री पॉइंट्स पर ऑटोमेटेड टोलिंग शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद, 31 दिसंबर 2026 तक MCD के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी 154 एंट्री पॉइंट्स को इस सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा।
टैक्स चोरी रोकने और कानूनी कार्रवाई को पुख्ता करने के लिए निगम ने दिल्ली नगर निगम (टोल टैक्स) उप-नियम, 2007 में संशोधन किया है, जिससे अब डिजिटल चालान काटना संभव होगा। इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को लगाने और फंड करने की जिम्मेदारी 'सहकार ग्लोबल' को सौंपी गई है।
यह पहल केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत मार्च 2027 तक देश के सभी हाईवे पर बैरियर-फ्री टोलिंग लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि इस व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट 11 मई 2026 को मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा (UER-II) पर पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिसकी सफलता के बाद अब इसे पूरे शहर में लागू किया जा रहा है।