दिल्ली महाधरना: मध्य प्रदेश के ड्राइवरों ने जताया समर्थन, फिर बढ़ सकती है हलचल
मध्य प्रदेश के ड्राइवरों ने दिल्ली महाधरने के लिए समर्थन जताया है। हिट एंड रन कानून के पुराने विवादों के बीच परिवहन क्षेत्र में फिर हलचल है।

देश की राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित 'महाधरने' को लेकर अब मध्य प्रदेश के ड्राइवरों ने अपनी कमर कस ली है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े इन कर्मचारियों ने इस विरोध प्रदर्शन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन जाहिर किया है, जिससे एक बार फिर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बड़े आंदोलन की आहट सुनाई दे रही है। हालांकि अभी किसी बड़े स्ट्राइक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ड्राइवरों के इस रुख ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
यह मामला केवल एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आक्रोश छिपा है। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में जब केंद्र सरकार ने 'हिट एंड रन' कानून के नए प्रावधान पेश किए थे, तब मध्य प्रदेश के ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध किया था। उस दौरान पूरे राज्य में परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं और ड्राइवरों ने इस कानून को वापस लेने या इसमें बदलाव की मांग की थी।
पुराने जख्म और प्रशासन की सतर्कता
परिवहन क्षेत्र में यह असंतोष लंबे समय से बना हुआ है। हाल ही में अक्टूबर 2026 के दौरान दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त की स्थिति को लेकर किए गए प्रदर्शनों ने राजधानी के माहौल को पहले ही गरमाया हुआ है। ऐसे में ड्राइवरों के इस नए आह्वान को देखते हुए अधिकारी काफी सतर्क हैं।
प्रशासन को डर है कि यदि यह विरोध प्रदर्शन बड़े पैमाने पर होता है, तो दिल्ली की व्यवस्था चरमरा सकती है। पिछले अनुभवों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों को बंद करना पड़ सकता है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह समर्थन वास्तव में किसी बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप लेता है या नहीं।