स्वास्थ्य

दिवाली पर पटाखों से जल जाएँ तो क्या करें: प्राथमिक उपचार और सुरक्षा के ज़रूरी नियम

AAasim· 22 Oct, 9:31 AM · 2 मिनट
दिवाली पर पटाखों से जल जाएँ तो क्या करें: प्राथमिक उपचार और सुरक्षा के ज़रूरी नियम

रोशनी के त्योहार में दीयों और पटाखों के साथ ज़रा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। हर साल दिवाली के आसपास अस्पतालों में जलने और आँख की चोट के मामले बढ़ जाते हैं। अच्छी बात यह है कि सही प्राथमिक उपचार से ज़्यादातर छोटे घाव ठीक संभल जाते हैं — बस यह पता होना चाहिए कि क्या करना है और क्या बिल्कुल नहीं।

जलने पर तुरंत क्या करें

  1. आग से दूर हटें। कपड़ों में आग लगे तो दौड़ें नहीं — रुकें, ज़मीन पर लेटें और लुढ़कें, या कंबल से आग बुझाएँ।
  2. जले हिस्से को बहते ठंडे पानी में रखें — कम से कम 20 मिनट तक। पानी ठंडा हो, बर्फ़ जैसा नहीं।
  3. अंगूठी, घड़ी, चूड़ी और तंग कपड़े हटा दें, क्योंकि सूजन जल्दी आती है। लेकिन जो कपड़ा त्वचा से चिपक गया हो, उसे खींचें नहीं।
  4. साफ़ कपड़े या क्लिंग फ़िल्म से ढीला ढकें, ताकि संक्रमण न हो।
  5. दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह पर सामान्य दर्दनिवारक लिया जा सकता है।

ये ग़लतियाँ बिल्कुल न करें

  • बर्फ़ न लगाएँ — इससे त्वचा को और नुकसान हो सकता है।
  • टूथपेस्ट, घी, मक्खन, तेल या हल्दी न लगाएँ — ये गर्मी को अंदर रोकते हैं और संक्रमण का ख़तरा बढ़ाते हैं।
  • छालों को न फोड़ें।

अस्पताल कब जाएँ

  • जला हिस्सा हथेली से बड़ा हो
  • चेहरा, आँखें, हाथ, पैर, जोड़ या गुप्तांग जले हों
  • त्वचा सफ़ेद, काली या चमड़े जैसी दिखे
  • बच्चा या बुज़ुर्ग जला हो
  • धुएँ से साँस लेने में तकलीफ़ हो

आँख में चोट लगे तो

आँख को मलें नहीं। साफ़ पानी से धीरे-धीरे धोएँ, आँख पर कोई दबाव न डालें और बिना देर किए आँख के डॉक्टर के पास जाएँ। आँख में कोई टुकड़ा फँसा दिखे तो उसे ख़ुद निकालने की कोशिश न करें।

सुरक्षित दिवाली के नियम

  • पटाखे खुले मैदान में और घर, गाड़ियों व सूखी घास से दूर जलाएँ।
  • पास में पानी से भरी बाल्टी और रेत रखें।
  • सूती कपड़े पहनें; ढीले सिंथेटिक कपड़े जल्दी आग पकड़ते हैं।
  • पटाखा हाथ में पकड़कर न जलाएँ, लंबी अगरबत्ती या फुलझड़ी से दूरी बनाकर जलाएँ।
  • जो पटाखा न फूटे, उसे दोबारा जलाने या पास जाकर देखने की कोशिश न करें — उस पर पानी डाल दें।
  • बच्चे हमेशा किसी बड़े की निगरानी में ही पटाखे चलाएँ।
  • दीये पर्दों और कपड़ों से दूर रखें।

अस्थमा के मरीज़ ध्यान दें

पटाखों का धुआँ अस्थमा और सीओपीडी के मरीज़ों के लिए ख़तरनाक हो सकता है। त्योहार की रातों में घर के अंदर रहें, खिड़कियाँ बंद रखें और अपना इनहेलर पास रखें।


फ़ोटो: दिवाली के दीये — humdingor, CC BY-SA 2.0, विकिमीडिया कॉमन्स

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; किसी भी इलाज या दवा से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

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