2028 में फिर मुख्यमंत्री बनेंगे केसीआर, ज़िव्रान शरीफ के बीआरएस में आने पर बोले KTR
बीआरएस नेता केटीआर ने दावा किया है कि 2028 में केसीआर दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला।

तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बीआरएस (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया है कि साल 2028 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की शानदार वापसी होगी और के. चंद्रशेखर राव (KCR) एक बार फिर तेलंगाना के मुख्यमंत्री बनेंगे। यह बयान उन्होंने हैदराबाद में वरिष्ठ नेता ज़िव्रान शरीफ के पार्टी में शामिल होने के मौके पर दिया।
पार्टी में नए सदस्यों के स्वागत के दौरान केटीआर ने मौजूदा कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना अब राहुल गांधी के लिए एक 'एटीएम' बन गया है। केटीआर ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव के समय 420 वादे किए थे, लेकिन अब उनका असली चेहरा सामने आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि हजारों दिन बीत जाने के बाद भी उन वादों में से कितने पूरे हुए? केटीआर ने आगे कहा कि राहुल गांधी पूरे देश का दौरा तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें तेलंगाना का रास्ता नहीं मिल रहा है।
बीआरएस की ताकत और भविष्य की रणनीति
ज़िव्रान शरीफ के बीआरएस में शामिल होने को केटीआर ने पार्टी के लिए एक बड़ी मजबूती बताया। उन्होंने कहा कि बीआरएस जनता के मुद्दों के लिए लड़ने और तेलंगाना के हितों की रक्षा करने वाली एकमात्र ताकत बनकर उभरेगी। केटीआर का मानना है कि आने वाले डेढ़ साल के भीतर राजनीतिक समीकरण बदलेंगे और बीआरएस फिर से सत्ता में लौटेगी, जिससे तेलंगाना को एक बार फिर देश का नंबर वन राज्य बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि हैदराबाद की खैराताबाद सीट सितंबर में खाली हो गई थी, जब दनम नागेंद्र को विधायक के तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया गया था। नागेंद्र ने 2024 में कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
राजनीतिक उलटफेर यहीं नहीं रुके; इसी दिन आदिलाबाद जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व एनएसयूआई अध्यक्ष भार्गव देशपांडे ने भी केटीआर की मौजूदगी में बीआरएस जॉइन की। केटीआर ने अपने आवास पर देशपांडे का गुलाबी स्कार्फ पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री वेमुला प्रशांत रेड्डी, जोगु रामन्ना और एमएलसी पोचमपल्ली श्रीनिवास रेड्डी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद थे। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि ये सभी घटनाक्रम मार्च 2027 में होने वाले तेलंगाना ग्रेजुएट एमएलसी चुनावों की तैयारी का हिस्सा हैं।