पंजाब के मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट पर उतरने के साथ भरना पड़ा 50000 का दंड

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान फ्रांस दौरे से वापस लौटते समय दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक रुके रहे। इस घटना ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री मान पेरिस में 'SIAL Paris 2026' फूड और एग्री-बिजनेस प्रदर्शनी में हिस्सा लेने गए थे, लेकिन उनकी वापसी एयरपोर्ट पर काफी तनावपूर्ण रही।
बता दें कि यह दौरा काफी विवादों के बीच हुआ था। केंद्र सरकार ने शुरुआत में राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्हें विदेश जाने की अनुमति मिली थी। अब एयरपोर्ट पर हुई इस देरी को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
AAP का आरोप: राजनीतिक बदले की भावना
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने इस घटना को केंद्र सरकार की 'मनमानी' और 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है। AAP का दावा है कि एयरपोर्ट अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रोकते समय यह संकेत दिया कि उन पर "ऊपर से भारी दबाव" है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री के सफर के प्रोटोकॉल को लेकर हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया। इतना ही नहीं, AAP ने यह भी मुद्दा उठाया कि पेरिस में भारतीय कॉन्सल जनरल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात तक नहीं की।
दूसरी तरफ, शिरोमणि अकाली दल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अकाली दल का दावा है कि मुख्यमंत्री की यह देरी किसी राजनीतिक साजिश का नतीजा नहीं, बल्कि कस्टम नियमों के उल्लंघन की वजह से हुई।
कस्टम विभाग के सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि मुख्यमंत्री और उनके स्टाफ के सामान की जांच के दौरान कुछ ऐसी चीजें मिलीं, जिनकी घोषणा (Declare) नहीं की गई थी। नियमों के मुताबिक, सामान की सही जानकारी न देने के कारण उन पर 50,000 रुपये का कस्टम ड्यूटी जुर्माना लगाया गया। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस जुर्माने के मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि यह कानून की प्रक्रिया थी, न कि कोई राजनीतिक चाल।