IIT दिल्ली का कमाल: अब मात्र 1.5 रुपये के टैबलेट से पता चलेगी चावल-गेहूं में आयरन की मात्रा
IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने चावल और गेहूं में आयरन की मात्रा जांचने के लिए मात्र 1.5 रुपये का किफायती टेस्टिंग टैबलेट विकसित किया है।

देश में पोषण और खाद्य सुरक्षा को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एक बेहद किफायती और क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है। संस्थान ने एक ऐसा 'टेस्टिंग बुलेट' यानी छोटा टैबलेट तैयार किया है, जिसकी मदद से चावल और गेहूं जैसे मुख्य अनाजों में आयरन (लोहे) के स्तर की सटीक जांच की जा सकेगी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस एक टेस्टिंग टैबलेट की कीमत मात्र 1.5 रुपये के करीब है, जो इसे आम घरों और छोटे स्तर पर गुणवत्ता जांच के लिए बेहद सुलभ बनाता है।
इस नवाचार को संस्थान के 19वें ओपन हाउस के दौरान प्रदर्शित किया गया, जहां 500 से अधिक आविष्कारों को दुनिया के सामने रखा गया था। यह तकनीक विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार साबित होगी जो अपने भोजन में पोषक तत्वों की मात्रा को लेकर सजग हैं। यह पूरी खोज खाद्य सुदृढ़ीकरण (food fortification) और गुणवत्ता निगरानी के व्यापक शोध का एक हिस्सा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को मिलने वाले भोजन में जरूरी पोषक तत्व मौजूद हैं या नहीं।
पोषण की दिशा में बड़ा कदम और साझेदारी
IIT दिल्ली वर्तमान में 'न्यूट्रिशन सिस्टम्स इनोवेशन हब' (NSIH) का संचालन कर रहा है, जो मुख्य रूप से चावल के फोर्टिफिकेशन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और तेजी से जांच करने वाले टूल्स बनाने पर केंद्रित है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में संस्थान अकेला नहीं है, बल्कि इसके साथ कई प्रतिष्ठित संस्थान जुड़े हुए हैं। इनमें IIT खड़गपुर, कुंडली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) और मैसूरु का CSIR-सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) शामिल हैं।
यह शोध ऐसे समय में आया है जब पोषक तत्वों की डिलीवरी को लेकर सरकारी स्तर पर भी मंथन चल रहा है। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) जैसी कल्याणकारी योजनाओं के तहत चावल के फोर्टिफिकेशन को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की थी, ताकि पोषक तत्वों को पहुंचाने के और अधिक प्रभावी तरीके तलाशे जा सकें। ऐसे में IIT दिल्ली का यह सस्ता और सटीक टेस्टिंग टूल भविष्य में खाद्य सुरक्षा और पोषण की निगरानी में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।