बिहार

बगहा पुलिस ने स्कूली बच्चों को सिखाया 'गुड टच-बैड टच', सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

बगहा पुलिस ने स्कूली बच्चों को बाल अधिकारों, पॉक्सो एक्ट और साइबर अपराध से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया।

Sonu Nigam· 30 Oct, 5:02 PM · 2 मिनट
बगहा पुलिस ने स्कूली बच्चों को सिखाया 'गुड टच-बैड टच', सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के बगहा में बच्चों की सुरक्षा और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सजग करने के लिए एक विशेष पहल की गई है। अखिल भारतीय सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बगहा पुलिस ने राजकीय प्राथमिक बुनियादी विद्यालय, हरनाटांड़ में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नन्हे बच्चों को सुरक्षा के उपायों और विभिन्न अपराधों की जानकारी देकर उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

बच्चों को बताया गुड टच-बैड टच और साइबर सुरक्षा का महत्व

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को बहुत ही सरल भाषा में बाल सुरक्षा और बाल अधिकारों के बारे में समझाया। बच्चों को विशेष रूप से 'गुड टच' और 'बैड टच' के बीच का अंतर बताया गया। पुलिस ने बच्चों को प्रेरित किया कि यदि उनके साथ कोई भी अनुचित व्यवहार होता है, तो उन्हें डरना या चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

आज के डिजिटल युग को देखते हुए बच्चों को साइबर अपराधों के खतरों से भी आगाह किया गया। उन्हें समझाया गया कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें। साथ ही, मानव तस्करी और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई ताकि बच्चे अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।

इस मौके पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के कार्यों और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा में 'पुलिस दीदी' की भूमिका पर भी चर्चा की गई। बच्चों को आपातकालीन स्थिति में मदद पाने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जो इस प्रकार हैं:

  • 112: आपातकालीन सहायता
  • 181: महिला सहायता
  • 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
  • 1930: साइबर अपराध शिकायत

इस जागरूकता अभियान में डीएसपी मुख्यालय, एएचटीयू की टीम और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बच्चों को संदेश दिया कि वे जागरूक और सतर्क रहें ताकि वे एक सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।

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