सुपौल: सांसद दिलेश्वर कामैत ने दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण, आत्मनिर्भर बनाने की अपील
सुपौल के त्रिवेणीगंज में सांसद दिलेश्वर कामैत ने 60 से अधिक दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र जैसे सहायक उपकरण वितरित किए।

बिहार के सुपौल जिले में दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। त्रिवेणीगंज स्थित बुनियाद केंद्र परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सांसद दिलेश्वर कामैत ने 60 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए। यह पूरा आयोजन एडिप योजना के तहत किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का जिक्र करते हुए बताया कि इस कानून के तहत दिव्यांगों को कई अधिकार और सुविधाएं दी गई हैं। सांसद ने विशेष रूप से जानकारी दी कि सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजनों के लिए 4 प्रतिशत और उच्च शिक्षण संस्थानों में 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, ताकि वे शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने सभी पात्र दिव्यांगों से इन सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ उठाने की अपील की।
एडिप योजना के तहत मिले आधुनिक उपकरण
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एडिप योजना के तहत उपकरण बांटे गए। सरकारी कंपनी एलिम्को के माध्यम से दिव्यांगों को उनकी जरूरत के हिसाब से व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग, बैसाखी, स्मार्ट केन और विशेष शिक्षण उपकरण उपलब्ध कराए गए। सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन दिव्यांगों का नाम सूची में था लेकिन वे किसी कारणवश कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए, वे अपनी सुविधा के अनुसार बुनियाद केंद्र जाकर अपना सामान प्राप्त कर सकते हैं।
गौरतलब है कि जिले में 28 से 30 अक्टूबर तक एक बड़ा अभियान चलाया गया, जिसके तहत सुपौल, बसंतपुर, त्रिवेणीगंज और निर्मली के बुनियाद केंद्रों पर शिविर लगाए गए। इन तीन दिनों के दौरान कुल 300 से अधिक सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इस मौके पर प्रभारी सहायक निदेशक दिवेश कुमार शर्मा, एलिम्को प्रतिनिधि नंदन यादव, डीपीएम इकबाल हाशिम समेत कई स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।