न्यू सीमापुरी बिल्डिंग हादसा: गृह मंत्री आशीष सूद ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने न्यू सीमापुरी बिल्डिंग हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। हादसे में 4 लोगों की जान गई थी।

दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने एक बार फिर राजधानी में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को इस पूरी घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उत्तर-पूर्वी जिले के जिला मजिस्ट्रेट इस मामले की गहराई से जांच करेंगे ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।
यह हादसा 7 अक्टूबर की दोपहर करीब 3 बजे हुआ था, जब एक चार से पांच मंजिला रिहायशी इमारत अचानक जमींदोज हो गई। बताया जा रहा है कि यह इमारत महज 20 से 25 वर्ग गज के छोटे से प्लॉट पर बनी थी। इस हादसे का असर इतना ज्यादा था कि आसपास की तीन अन्य इमारतें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिन्हें एमसीडी (MCD) ने असुरक्षित घोषित कर तुरंत खाली करवा लिया था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पास ही एक अवैध निर्माण स्थल पर भारी मशीनों से तोड़फोड़ की जा रही थी, जिससे पैदा हुए कंपन के कारण यह बिल्डिंग गिर गई।
जांच के दायरे में आएंगे अधिकारी और मालिक
गृह मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया है कि इस जांच का मकसद केवल हादसे के कारणों का पता लगाना नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करना भी है। मजिस्ट्रेट जांच के तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर गौर किया जाएगा:
- इमारत के मालिक, किरायेदारों या निजी व्यक्तियों द्वारा बिल्डिंग नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन।
- सरकारी विभागों, नागरिक एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही या चूक।
- नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 के कार्यान्वयन की समीक्षा।
- भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए स्थायी निवारक उपायों का सुझाव।
गृह मंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा, "यह एक बेहद दुखद हादसा है जिसमें कीमती जानों का नुकसान हुआ है। हमने हर पहलू की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। किसी भी दोषी व्यक्ति या लापरवाह अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की मदद करना और दिल्ली में स्ट्रक्चरल सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू करना है ताकि दोबारा ऐसा हादसा न हो।"
स्थानीय स्तर पर की गई जांच में यह भी पाया गया कि इलाके में कई अन्य इमारतें भी बेहद कमजोर हैं, जो बिना किसी प्रॉपर कॉलम या बीम के छोटे प्लॉटों पर बनाई गई हैं। प्रशासन अब इन सभी संदिग्ध ढांचों की जांच कर रहा है ताकि किसी और बड़े हादसे को टाला जा सके।