अपराध

नालंदा: बगीचे में बैठकर लोगों को लूट रहे थे ठग, पुलिस ने तीन को रंगेहाथ दबोचा

नालंदा पुलिस ने गाजीपुर गांव के एक बगीचे से तीन साइबर अपराधियों को रंगेहाथ पकड़ा है, जो लोन और लॉटरी के नाम पर लोगों को लूट रहे थे।

Sonu Nigam· 30 Oct, 5:02 PM · 2 मिनट
नालंदा: बगीचे में बैठकर लोगों को लूट रहे थे ठग, पुलिस ने तीन को रंगेहाथ दबोचा

बिहार के नालंदा जिले में साइबर अपराधियों ने अब अपना ठिकाना शहर से हटाकर गांवों के सुनसान बगीचों और खंधा (खेतों) में बना लिया है। ताजा मामला पावापुरी थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव का है, जहां साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन साइबर फ्रॉड गिरोह के सदस्यों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। ये अपराधी एक बगीचे में बैठकर मोबाइल के जरिए मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।

पुलिस की इस छापेमारी में गिरियक के सकुचीसराय गांव निवासी मुन्ना कुमार और पावापुरी के गाजीपुर गांव के रहने वाले युवराज कुमार व मुन्नू कुमार को पकड़ा गया है। पुलिस ने मौके से 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें ठगी से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं।

लोन और लॉटरी का झांसा देकर करते थे करोड़ों की ठगी

साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की जा रही थी। जब लोकेशन ट्रेस की गई, तो पता चला कि अपराधी गाजीपुर गांव के एक बगीचे में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने जब वहां घेराबंदी की, तो तीनों बदमाश मोबाइल से लोगों को ठगने में जुटे थे और उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया गया।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को ठगने के लिए तीन मुख्य तरीकों का इस्तेमाल करता था:

  • लोन का लालच: खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर कम ब्याज पर आसान लोन देने का झांसा देते थे और फिर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ऐंठ लेते थे।
  • लॉटरी का फर्जीवाड़ा: लोगों को केरल लॉटरी में 25 लाख रुपये का इनाम निकलने का लालच दिया जाता था और फिर जीएसटी व रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर ठगी की जाती थी।
  • पुराने सिक्के और नोट: पुराने सिक्कों और नोटों के बदले मोटी रकम देने का प्रलोभन देकर लोगों को फंसाया जाता था।

हैरानी की बात यह है कि शिकार तलाशने के लिए यह गिरोह सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन चलाता था। विज्ञापन देखकर लोग खुद उन्हें कॉल करते थे और उनके झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। इस सफल छापेमारी टीम में दारोगा अबू तालिब अंसारी, तौकीर खान और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

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