बिहार

पीएम किसान सम्मान निधि: बिहार के 73 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 1,476 करोड़ रुपये

पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी। बिहार के 73 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1,476 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।

Sonu Nigam· 30 Oct, 5:02 PM · 2 मिनट
पीएम किसान सम्मान निधि: बिहार के 73 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 1,476 करोड़ रुपये

बिहार के अन्नदाताओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी गई है, जिसके तहत बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे 1,476 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। यह राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई है, ताकि किसानों को बिना किसी देरी के आर्थिक सहायता मिल सके।

गुजरात के बनासकांठा में आयोजित 'प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के लिए कुल 18,690 करोड़ रुपये की राशि जारी की। पटना के ज्ञान भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम से जुड़े मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किसानों को बधाई दी और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साझा किया।

किसानों की आय बढ़ाने और राहत के लिए सरकार के बड़े कदम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि बिहार की 76 प्रतिशत से अधिक आबादी खेती पर निर्भर है, इसलिए सरकार का पूरा ध्यान खेती को लाभकारी बनाने पर है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित किसानों को 7,000 रुपये की सहायता और कृषि इनपुट सब्सिडी के रूप में 270 करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं। साथ ही, हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

खेती को आधुनिक और आसान बनाने के लिए बिहार सरकार कई नए प्रयोग कर रही है, जिनमें मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • गाद प्रबंधन नीति: टाल और दियारा क्षेत्रों में नेपाल से आने वाली गाद की समस्या को दूर करने के लिए नई नीति बनाई गई है, जिससे खेती सुचारू हो सके।
  • बिजली और सौर ऊर्जा: किसानों को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक बिजली दी जा रही है और कृषि फीडरों को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने का काम चल रहा है।
  • एथेनॉल उत्पादन: गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनाज के अवशेषों से एथेनॉल बनाने की संभावनाओं पर काम हो रहा है।
  • दुग्ध उत्पादन: राज्य में दूध का उत्पादन 25 लाख लीटर से बढ़कर 32 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है, जिसे अगले तीन साल में 50 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर देते हुए कहा कि जीविका दीदियों ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बाजार तैयार किया है। साथ ही, राज्य में 50 लाख पशु सखियां बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से 32 लाख का काम पूरा हो चुका है। सरकार का मानना है कि जैविक खेती, ग्रीन एनर्जी और बेहतर जल प्रबंधन ही भविष्य में किसानों की खुशहाली का रास्ता खोलेंगे।

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