दो गोल्ड और कई सारे रिकॉर्ड अपने नाम कर वापस लौटी मोना का जोरदार स्वागत
पैरा शूटर मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा गेम्स में दो गोल्ड मेडल और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत हुआ।

भारतीय पैरा-शूटर मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा गेम्स में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। दो गोल्ड मेडल और पांच रिकॉर्ड्स अपने नाम करने वाली मोना जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचीं, तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मोना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, कोच और पूरी सपोर्ट टीम को दिया है।
मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 और 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन SH1 कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने न केवल जीत हासिल की, बल्कि रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। 10 मीटर एयर राइफल के क्वालिफिकेशन और फाइनल में उन्होंने एशियाई पैरा गेम्स के रिकॉर्ड बनाए, जबकि 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में 357.5 के स्कोर के साथ उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया।
सपनों की उड़ान और सरकारी सपोर्ट
दिल्ली एयरपोर्ट पर बातचीत के दौरान मोना ने बताया कि खेलों में ध्वजवाहक (फ्लैग बेयरर) बनना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने जापान में मिली सुविधाओं की तारीफ की और बताया कि उनकी इस कामयाबी के पीछे सरकारी योजनाओं का बड़ा हाथ है। मोना ने कहा, "मैं भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की TOPS (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) का हिस्सा हूं, जिससे मुझे काफी मदद मिल रही है। साथ ही, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने मुझे एक बेहतरीन सपोर्ट टीम दी है, जिससे मेरे सभी खर्चे और जरूरतें पूरी हो रही हैं।"
भारत के लिए यह एशियाई पैरा गेम्स बेहद यादगार रहे। भारतीय दल ने कुल 114 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया, जिसमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रोंज मेडल शामिल हैं। खास बात यह रही कि इस बार भारतीय दल की संख्या पिछले संस्करण (309 एथलीट) के मुकाबले काफी कम (168 एथलीट) थी, लेकिन पदकों की संख्या में भारत ने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपनी ताकत साबित की।